सामाजिक क्षेत्र से जुड़कर काम करने वाले सामाजिक संगठनों को नगर के प्रशासनिक तंत्र के मध्य हमेशा से उपेक्षा का शिकार होना पड़ा..ओमप्रकाश सिंह चौहान

खरोरा- सामाजिक क्षेत्र से जुड़कर काम करने वाले सामाजिक संगठनों को नगर के प्रशासनिक तंत्र के मध्य हमेशा से उपेक्षा का शिकार होना पड़ा है । न ही उनके योगदान की सराहना होती और न ही उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है और तो और नगर में शांति समिति की बैठक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रो को लेकर आगाह की जाती और ना ही आमंत्रित की जाती है जिससे समाज सेवा को समर्पित संगठनों को हीन भावना से ग्रसित होना पड़ता है ।
उक्त बातें संजीवनी रक्त दाता संघ के अध्यक्ष ओमप्रकाश सिंह चौहान ने कही । आगे उन्होंने कहा कि नगर के संजीवनी रक्त दाता संघ जैसे कुछ सामाजिक संगठन सामाजिक, धार्मिक जैसे विभिन्न जनहित कार्यक्रमों में बतौर प्राथमिकता अपनी दायित्वों का निर्वहन करते आ रही है। रक्तदान से लेकर गरीब तपके लोगों को आर्थिक व अन्य रूप से सहयोग करना वहीं अंचल के तीज त्योहारों में प्रशासन का अप्रत्यक्ष सहयोग करना जिनका ध्येय रहा है उन संगठनों को स्थानीय प्रशासन के द्वारा तवज्जो नहीं दी जाती जो कहा जावे तो सामाजिक कार्यों से जुड़े सामाजिक संगठनों के लिए हतोत्साहित करने वाली विषय है ।
श्री चौहान ने इस मामले पर आरक्षी केन्द्र तिल्दा-नेवरा पर निशाना साधते हुए कहा कि तिल्दा-नेवरा थाने में नगर के संवेदनशील स्थिती व राजनीतिक, धार्मिक कार्यक्रमों के पहले शांति समिति की बैठक आहूत कर नगर के गणमान्य नागरिकों, राजनीति से जुड़े सक्रिय पदाधिकारियों, एवं जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित कर विचार विमर्श किया जाता है लेकिन वही पर समाज सेवा से जुड़कर समाज सेवा में अहम भागीदारी निभाने वाले सामाजिक संगठनों को दरकिनार कर उनकी उपेक्षा की जाती है जबकि नगर के शांति ब्यवस्था जैसे अन्य मुद्दों पर रायशुमारी के लिए सामाजिक संगठनों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए जिससे सामाजिक संगठनों के मध्य उत्साहवर्धन होता रहे।
श्री चौहान के इस विचार का नगर के विभिन्न संगठनों ने समर्थन किया है और उन्होंने एक स्वर में नगर के जनप्रतिनिधियों एवं जवाबदार अधिकारियों से अपेक्षा की है कि भविष्य में नगर विकास व जनहित को लेकर जो निर्णय व विचार विमर्श की जाती है वहां पर सामाजिक संगठनों को अपना पक्ष रखने की मौका दिया जाएगा । -ओम प्रकाश सिंह चौहान संजीवनी रक्तदाता संघ के अध्यक्ष
खरोरा से लालजी वर्मा की रिपोर्ट….



