भूपेश सरकार का आज पेश होगा बजट, मुख्यमंत्री खोलेंगे प्रदेश के विकास का पिटारा

रायपुर. छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का आज तीसरा दिन है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विधानसभा पहुंच चुके हैं। इस दौरान आज मुख्यमंत्री भूपेश बघेल विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2022-23 का बजट पेश करने वाले हैं। यह राज्य का 22वां और बघेल का बतौर वित्त मंत्री चौथा बजट होगा।
गोबर का ब्रिफकेस लेकर पहुंचे सीएम
CM भूपेश बघेल गोबर से बना ब्रिफकेस लेकर विधानसभा पहुंचे। कुछ देर बाद वे छत्तीसगढ़ सरकार का सत्र 2022-23 का बजट पेश करेंगे। बजट बॉक्स में लिखा है ‘गोमय वसते लक्ष्मी’। चुनावी साल के पहले के इस बजट के पूरी तरह लोक लुभावन होने की उम्मीद की जा रही है। इसमें सरकार अपने कर्मियों से लेकर समाज के हर वर्ग को संतुष्ट करने का प्रयास कर सकती है। नवा रायपुर में प्रस्तावित सेवाग्राम के लिए इसमें बजट का प्रविधान किया जा सकता है। वहीं सरकारी कर्मियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने सहित अन्य घोषणाएं हो सकती हैं। सरकार इस बार भी बच्चों के लिए अलग से बजट ला सकती है। इसमें 22 विभागों की विभिन्न योजनाओं को शामिल किया जा सकता है। चौथा आम बजट पेश करने के दौरान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की घोषणा कर सकते हैं। साथ ही साथ बजट में मजदूरों की दो बेटियों के खाते में 20-20 हजार रुपए जमा करने की एक योजना भी प्रस्तावित है।
मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा था कि प्रदेश की वित्तीय स्थिति का अध्ययन करने के बाद ही इस पर कोई फैसला किया जाएगा। वित्त विभाग ने इसकी शुरुआती कवायद भी पूरी कर ली है। अब ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि पुरानी पेंशन योजना लागू होने से अगले एक दशक तक सरकार पर वित्तीय बोझ नहीं आआएगा इसके विपरीत 1680 करोड़ रुपया सालाना की बचत होगी। जानकारी के लिए आपको बता दें कि यह वो राशि है जो सरकार अंशदायी पेंशन मतलब नई पेंशन योजना में अपने पास से देती है। नई पेंशन योजना 2004 से लागू हुई है। बताया जा रहा है कि उसके बाद भर्ती हुए सरकारी कर्मचारियों की संख्या तीन लाख 30-40 हजार है। ये कर्मचारी 2030-32 के बाद ही रिटायर होंगे, तब सरकार पर उनके देयकों का बोझ पड़ेगा। वहीं, प्रदेश के कर्मचारी संगठन द्वारा जोर-शोर से पुरानी पेंशन बहाली की मांग की जा रही है। इस बार बजट में मजदूरों के लिए कुछ नई योजनाओं की घोषणा की जा सकती है। इसमें मजदूरों की पहली दो बेटियों के लिए 20-20 हजार रुपए की एकमुश्त सहायता राशि भी शामिल है। बताया जा रहा है कि यह योजना कर्मकार मंडल में पंजीकृत मजदूरों के लिए होगी। श्रमिकों के लिए हर एक जिला और ब्लॉक मुख्यालय पर संसाधन केंद्र बनेंगे।




