श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ समारोह

खरोरा;—- नगर खरोरा के करिया दामा चौक , लक्ष्मी नारायण मंदिर मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद् भागवत ज्ञान यज्ञ समारोह में कथावाचक
आचार्य पंडित सुरेश कुमार शर्मा ने कथा प्रसंग में कहा की
राजा परीक्षित पांडवों के वंश का बीज था ,जिसे भगवान कृष्ण ने स्वयं उत्तरा के गर्भ में प्रकट होकर के रक्षा किया था इसलिए उसका नाम परीक्षित रखा। राजा परीक्षित को जब पता चला मुझे ऋषि यों का श्राप मिला है तक्षक सर्प मुझे डस देगा। तो उसने अनशन व्रत लिया और कृष्ण कथा के रस में डूब गया। सुकदेव जी महाराज ने उनको 7 दिन की भागवत कथा सुनाएं और राजा परीक्षित का उद्धार हुआ।
भागवत पुराण को लिखने वाला वेदव्यास जी महाराज है उसने अपने पुत्र सुखदेव जी को कथा सुनाएं। सुखदेव जी महाराज ने उस कथा को अपने तक सीमित नहीं रखा बल्कि संतो को ऋषि यों को राजा परीक्षित को भागवत की कथा को सुनाया लिखने वाला व्यास जी है मगर बांटने वाला सुकदेव जी महाराज है दुनिया में बांटने वाले का ही नाम होता है। इसलिए चाहे ज्ञान हो या धन हो उसको संजो कर रखना नहीं चाहिए यह बांटने की वस्तु है बांटते रहना चाहिए।
हिरन्याक्ष दैत्य पृथ्वी को चोरी करके समुद्र में डूबा दिया था स्वयं भगवान श्री हरि ने वराह का रूप धारण करके राक्षस का वध किया और पृथ्वी को अपने नासिका में धारण करके समुद्र में रोपित किया। जिसमें ब्रह्मा जी के पुत्र मनु और शतरूपा के द्वारा पृथ्वी का विस्तार किया गया और अनेकों संतानों को जन्म देकर मनुष्यों का विस्तार किया गया मनु ने मनुष्यों का जन्म दिया इसलिए मानव कहते हैं।
यह आयोजन करियादामा महिला मानस मंडली एवं समस्त मोहल्ला वासी करियादामा चौक द्वारा किया गया है। इस अवसर पर भारी संख्या में श्रद्धालुगण ने धर्म लाभ अर्जित किया

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