करपावड के जंगल वन विभाग के अधिकारियों के कुंभकरणके नीद मेसोने के वजह से हो रहे हैं साफ ??? पवन कुमार नाग–

मामला करपावंड रेंज के अंतर्गत चितरंगी नाला पाथरी बिट
फलदार वृक्षों एवं बड़े बड़े साल के पेडों को। गढ़ लिंग कर सुखा कर काटा जा रहा है अतिक्रमण किया जा रहा है
वन परीक्षेत्र कंरपावड रेंज से लगे
जंगलों में अतिक्रमण रुकने का नाम नहीं ले रहा है वन विभाग के अधिकारियों को जानकारी देने के बाद भी क्यों कार्यवाही नहीं की जाती है इतने बड़े बड़े पेड़ों को काटकर अतिक्रमण किया जा रहा है। आल्हा अधिकारी को सूचना दिए जाने के बाद भी नींद क्यों नहीं खुल रही है कुंभकरण की नींद मैं सो रहे हैं अधिकारी शासन के द्वारा दी गई गाड़ियों से घूमने में फुर्सत नहीं है कंरपावड रेंज में जब से
नए रेंजर राम दत नागर साहब हाय हुए हैं तब से अतिक्रमण ओर देखने को मिल रही सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार अपने ही विभाग के स्टॉप ओं से भी अभद्र शब्दों का इस्तेमाल भी करते हैं। यह बात हमें सूत्रों से पता चली है। कई दिनों तक रेंज ऑफिस में भी रेंजर साहब नहीं आते हैं। राम दत नागर साहब का कहना है के मेरी खबर मिडिया में लगाने से क्या हो जाएगा। इस तरह की बातें भी कहीं जाती है परिक्षेत्र अधिकारी अनंतराम पटेल को जब अतिक्रमण होने की बात करने पर एक पत्रकार को पैसे दे कर
खरीदने की कोशिश की गई
अधिकारियों की मिलीभगत के कारण अतिक्रमण को बढ़ावा दी जा रही है। जब रक्षक ही भक्षक बन जाएंगे तब क्या होगा। ऐसे अधिकारियों को जांच कर तत्काल कार्यवाही होनी चाहिए।क्योंकि जंगल है तो ही कल है।










बस्तर से पवन कुमार नाग की खास रिपोर्ट —-




