सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव के कारनामे के खुलासे एक से बढ़कर बीपीएम कोरोना संक्रमित होने के बाद भी उपस्थिति पंजी में हस्ताक्षर

डोंगरगांव. नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव के कारनामे लगातार सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है जिसके कारण समुदायिक स्वास्थ्य केंद्र डोंगरगांव जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है लगातार अखबार के पन्नों में अपना जगह बनाया हुआ है कभी विधायक के नाम पर फर्जी बिल लगाकर डीजल घोटाला किया फिर उसके बाद सोशल मीडिया में बिना क्रेता के नाम के बिल हो चाहे एक ही दुकान के फोटोकॉपी दुकान में दो अलग कीमत का फोटोकॉपी का भुगतान का मामला हो, चाहे एक ही साईज के फ्लैक्स के अलग-अलग किमत के बिल भुगतान का मामला हों, चाहे बिना दिनांक वाले बिल का मामला हों लगातार अपने कारनामों के वजह से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सुर्खियों में बना हुआ है।
अब एक बार फिर चर्चा में इसलिए आ रहा है कि एक जिम्मेदार पद पर कार्यरत खंड कार्यक्रम प्रबंधक राकेश कुर्रे के द्वारा 10 अप्रैल को कोरोना संक्रमित हो गया था जिस कारण उसे अपने सरकारी क्वांटर पर होम आइसोलेशन में 10 अप्रैल से 26 अप्रैल तक 17 दिन रखा गया था लेकिन राकेश कुर्रे के द्वारा उपस्थिति पंजी में 10 अप्रैल से लगातार होम आइसोलेशन में रहते हुए भी उपस्थिति पंजी में कोरोना संक्रमित होने के बाद भी दर्ज किया गया है जो कि सुचना के अधिकार में प्राप्त हुआ है जो लगातार सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है कि एक जिम्मेदार व्यक्ति के द्वारा कोरोना महामारी के नियमों को उलंघन करके लगातार उपस्थिति पंजी को अपने घर मंगाकर हस्ताक्षर किया गया है जबकि उस समय कोरोना संक्रमित व्यक्ति को अलग-थलग रखा जाता है ताकि कोई संक्रमण न हो पाये लेकिन राकेश कुर्रे बीपीएम के द्वारा लगातार इस तरह उपस्थित पंजी मे संक्रमण होने के बाद भी हस्ताक्षर करना कोरोना महामारी के नियमों को उलंघन करना दर्शाता है जिस कारण अपने जीवन के साथ साथ दुसरे अधिकारी कर्मचारी को संक्रमण फैलने का संभावना था इस तरह कोरोना नियमों के उलंघन करने पर एक माह का जेल या दो सो जुर्माना या दोनों होने का नियम है । लगातार सुर्खियों में भ्रष्टाचार के कारनामे का उजागर होने के बाद भी दोषियों पर किसी भी तरह के कार्रवाई नहीं होना लगातार नगर में चर्चा का विषय बना हुआ क्या इस तरह भ्रष्टाचार के दोषियों पर शासन प्रशासन संज्ञान में लेगा कि नहीं क्या इसी तरह अभयदान दे कर दोषियों का मनोबल बढाता रहेगा।





