सहकारिता अध्यक्ष ने चौधरी ने दिया ज्ञापन


भारतीय जनता पार्टी सहकारिता प्रकोष्ठ एवं किसान मोर्चा के द्वारा महामहि राज्यपाल महोदय के नाम में एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी श्रीमती नम्रता जैन को सौंपा गया है। जिसमें बताया गया कि खरीफ 2020_ 21 में सोसाइटियों के माध्यम से की गई धान खरीदी के उठाव पश्चात आई कमी की क्षतिपूर्ति का प्रावधान किए जाने चाहिए।
विगत वर्षो की भांति गत खरीफ वर्षों 2020 _21 में भी शासन के निर्देशानुसार प्रदेश की समस्त सोसाइसटियों के 2311 उपार्जन केंद्रों से धान खरीदी की गई थी। किंतु शासन की गलत नीति के चलते आज तक उपार्जन केंद्रों में धान सड़ते हुए पड़ा हुआ है। अतः आग्रह है कि प्राकृतिक रूप से धान में सुखत के कारण आई कमी एवं वर्षा से सड़ने के कारण जो कमी आई है। उसका प्रावधान किया जाकर सोसाइटियों को क्षतिपूर्ति की राशि मुहैया कराई जाए।
खरीदी केंद्रों से उठाकर संग्रहण भेजा जाता है और संग्रहण से फिर मिलर्स को दिया जाता है। इस बीच परिवाहन चार्ज (भाड़ा) डबल लगता हैं। इन करके क्यों न सभी धान खरीदी केंद्रों में रखकर सीधा राइस मिला तो डि.ओ. धान उठावा हेतु दिया जाए। एवं खरीदी केंद्र में संग्रह में जो राशि मिलती है। उसे खरीदी केंद्रो को दिया जाए। जिससे शासन का करोड़ो रुपए बचत होने की संभावना है।
शासन की धान खरीदी नीति के अनुसार उपार्जन केंद्रों में यदि धान की आवक बफर लिमिट से ज्यादा आती है तो उसे 72घंटे में उठाए जाने की अनिवार्यता है। और सम्पूर्ण धान की 31मार्च तक आवश्यक रूप से उठाए जाने का खरीदी नीति में स्पष्ट उल्लेख है। किंतु उक्त नीति का पालन नहीं होने के कारण ही धान में भारी शार्टेज आ रहा है जिसकी जिम्मेदारी शासन को लेनी चाहिए।
माह मार्च और अप्रैल 2021 में उपार्जन केंद्रों से धान का उठाव नहीं किया गया। उक्त अवधि में धान उठाव हेतु ना तो राइस मिलरों को डिलीवरी आर्डर दिया गया ना ही ट्रांसपोर्टरों को परिवहन आदेश दिया गया। जबकि राइस मिलें एवं संग्रहण केंद्र से हो पाया है। इसकी सूक्ष्मता से जांच किया जाना अति आवश्यक है।
सोसाइटियों में कई महिनों तक पड़े रहे धान के रख रखाव में आए अतिरिक्त खर्च का भी प्रावधान किया जाना चाहिए।
धान खरीदी किये जाने के एवज में समितियों को दी जाने वाली कमीशन की पूरी राशि से नहीं काटी जानी चाहिए।
समितियों को प्रोत्साहन राशि अति शीघ्र कराया जावे।
खरीफ वर्ष 2020 _21 में धान खरीदी के समय किसानों द्वारा दिए गए बारदाने की आधी अधूरी राशि अभी तक मिली है। शेष राशि का भुगतान अति शीघ्र कराया जावे।
खरीफ वर्ष 2019_20 एवं 2020_21 में धान खरीदी के लिए सोसाइटियों/शासकीय उचित मूल्य की दुकानों से लिए गए बारदानों की राशि का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है। उसे शीघ्र दिलवाया जावे।
इस वर्ष धान खरीदी 1 नवंबर से आवश्यक रूप से प्रारंभ किया जाए।
कांग्रेस के वायदे के अनुसार विगत दो वर्षों के लंबित धान के बोनस का भुगतान तत्काल किया जाए।
पुनगर्ठन पश्चात अस्तित्त्व में आई नवीन सोसाइटियों तथा अन्य समितियों में कार्यरत कर्मचारियों को कई महीनों से वेतन अप्राप्त है जिसे तत्काल भुगतान किया जाना चाहिए।
सोसाइटियों के माध्यम से किसानों को रासायनिक खाद खरीदते समय गुणवत्ता विहीन बर्मी कम्पोष्ट खरीदने की बाध्यता समाप्त किया जावे।
छत्तीसगढ़ शासन /मंत्रिपरिषद द्वारा विगत वर्षों में लिए गए निर्णय अनुसार मार्कफेड के धान संग्रहण केंद्रों में सुखत /शार्टेज के मापदण्ड तय करने हेतु इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर से अध्ययन कराने के पश्चात उनकी अनुशंसा के आधार पर सोसाइटियों में भी धान भंडारण अवधि के अनुसार सुखत मान्य किये जाने का निर्णय लिया गया था तदनुसार कृपया सोसाइटियों में भी सुखत /शार्टेज मान्य किया जावे। अन्यथा केन्द्रीय भण्डार गृह निगम (CWC) द्वारा निर्धारित मापदंडों का पालन सुनिश्चित किया जावे।

उपरोक्त कारणों से सहकारी समितियों की आर्थिक स्थिति दिनों दिन कमजोर होती जा रही है। जिसके कारण किसानों को सोसाइटियों से मिलने वाले लाभांश से वंचित होना पड़ रहा है। अतः आग्रह है कि छत्तीसगढ़ सरकार को उक्त मांगे तत्काल स्वीकृत करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश देने का कष्ट करेंगे।

चिराग की चिंगारी बजरंग लाल सेन

सहकारी अध्यक्ष श्री उपेन्द्र चौधरी जी

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मिल्खा सिंह ज्ञानी

एडिटर-इंडिया007न्यूज मो.+91 98279 34086

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