झमाझम बारिश से दुसरी बार पिन गुंडा नदी उफान पर,कई व्यापारि मुख्यालय लौटे


नारायणपुर/छोटेडोंगर
बीती रात छोटे डोंगर और ओरछा ब्लॉक के आसपास क्षेत्र में तेज बारिश के कारण नदी नाले उफान पर हैं। तेज बारिश की वजह से मुख्यालय से 56 किलोमीटर दूर स्थित टेकानार गांव के पिनगुंडा पुल में बाढ़ आ गई थी। पुल के ऊपर से लगभग 4 फीट पानी बह रही थी जिस कारण से बुधवार को सुबह 5:00 बजे साप्ताहिक बाजार के निकले व्यापारी पुल के पास ही कई घंटे बाढ़ में फंसे हुए थे। इससे ओरछा साप्ताहिक बाजार भी काफी देर तक प्रभावित हुआ। ओरछा साप्ताहिक बाजार होने के कारण दूरस्थ अंचल से आए ग्रामीणों को भी काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।

व्यापारियों के ओरछा साप्ताहिक बाजार में नहीं पहुंच पाने के कारण दूरस्थ अंचल के ग्रामीणों को रोजमर्रा की वस्तुओं की खरीदारी करने में परेशानी हुई। ग्रामीण अपने जरूरतों के सामान के लिए दिन भर भटकते नजर आए। वहीं व्यापारियों का कहना है कि ओरछा साप्ताहिक बाजार नहीं पहुंच पाने के कारण उन्हें काफी नुकसान उठाना पड़ा। सब्जी विक्रेताओं के समय से ओरछा साप्ताहिक बाजार नहीं पहुंच पाने के कारण ग्रामीण सब्जी के लिए भटकते नजर आए। पिनगुंडा पुल में इस वर्ष दूसरी बार बाढ़ की स्थिति निर्मित हो रही है। इससे पहले 13 सितंबर को भी पिन गुंडा पूल में बाढ़ आ चुकी है।

जानकारी के अनुसार इस पुल की ऊंचाई काफी कम होने के कारण हल्की बारिश होने पर भी बाढ़ आ जाती है और लोगों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बता दें कि ओरछा ब्लॉक से मुख्यालय की ओर कई यात्री बस यात्रियों को लेकर मुख्यालय में पहुंचती है बारिश में पिन गुंडा पूल में बाढ़ होने की स्थिति में कई यात्री पिन गुंडा के पास ही फस जाते हैं जिससे यात्रियों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। पिन गुंडा पुल में जल स्तर बढ़ने के कारण पुल के दोनों छोर पर वाहनों की कतार लग गई थी और लोगों की भीड़ लग गई थी वही नारायणपुर से ओरछा के लिए पीडीएस राशन लेकर निकली वाहन भी बाढ़ में फस गई थी।अबुझमाड़ की बड़ी आबादी वाले ओरछा साप्ताहिक बाजार से माड़ के लोग दैनिक उपयोग में आने वाले जरुरत की सामानों की खरीदारी बाजार से ही करते हैं ।बाढ़ की वजह से बाजार में व्यापारियों के नहीं पहुंच पाने से ओरछा बाजार में सन्नाटा पसरा हुआ था।
6 घंटे बाद खुला नारायणपुर ओरछा मार्ग
सुबह 6 बजे से ही पिनगुंडा पुल का जलस्तर बढ़ रहा था । मुख्यालय से ओरछा साप्ताहिक बाजार के लिए निकले कई व्यापारि पुल के किनारे घंटों बाढ़ के कम होने का इंतजार करते रहे । इसमें कई व्यापारि बाजार में व्यापार किये बिना ही अपनी वाहन से वापस मुख्यालय लौट गए। लगभग 12 बजे पिनगुंडा पुल से जल स्तर कम हुआ जिसके बाद वाहनों की आवाजाही शुरू हुई।




