आज करु भात खाकर निर्जला व्रत रखे गी़ महिलाएं
*आज करु भात खाकर निर्जला व्रत रखे की महिलाएं **
खरोरा:—- महिलाओं का सबसे बड़ा पर्व तीजा गुरुवार को होगा। इसके पूर्व गु
बुधवार को महिलाएं करूं भात खाकर उपवास का शुभारंभ किया। गुरुवार को पूरे दिन निर्जला व्रत रखेगी और मध्य रात्रि में गौरी -गणेश की पूजा करेगी । व्रत के पूर्व करु भात खाने का विशेष महत्व है । लिहाजा से करेले की पहले की मांग बाजार में अचानक बढ़ गई है । इसके दाम में भारी इजाफा देखा गया है।
*अखंड सौभाग्य व्रत हरितालिका तीज की महिमा अपरंपार है*
विशेषकर विवाहित महिलाओं ने इस व्रत को लेकर अत्यधिक उत्सुकता होती है । इस व्रत का साल भर इंतजार किया जाता है । भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तिथियां यानी की इस वर्ष 9 अगस्त को हरितालिका तीज मनाई जाएगी। दरअसल भाद्रपद की शुक्ल तृतीया को हस्त नक्षत्र में भगवान शिव और माता पार्वती के पूजन का विशेष महत्व है । हरतालिका तीज व्रत कुमारी और सौभाग्यवती स्त्रियां करती है। हरितालिका व्रत निरहार और निर्जला किया जाता है । मान्यता है कि इस व्रत को पहले माता पार्वती ने भगवान शंकर को पति रूप में पाने के लिए किया था । हरितालिका व्रत करने से महिलाओं को सौभाग्य की प्राप्ति होती है । आशा वर्मा ,कई वर्षों से लगातार यह व्रत करती आ रही है । उन्होंने बताया कि हरितालिका पर्व हमारी हिंदू महिलाओं का सबसे कठिन व्रत में से एक प्रमुख व्रत तीज है। हम लोग इस पर्व को बहुत ही धूमधाम के साथ घर पर पूरी महिलाएं बैठकर एक साथ मनाते हैं। लेकिन इस वर्ष कोरोना वायरस के चलते इस त्यौहार की चमक में थोड़ी कमी आई है ,परंतु तीजा का त्यौहार हमारी महिलाओं का सबसे महत्वपूर्ण एवं प्रमुख व्रत एक है , जिसे मनाना हमारा ही कर्तव्य ही नही बल्कि धर्म भी है घर परिवार समाज पारा मोहल्ले में एक साथ मनाते है ।
*पति की लंबी आयू सुख शांति के लिए की जाता है**
ऐसी मान्यता है कि इस व्रत को विवाहित महिलाएं मायके में जा कर पूजा करती है । लेकिन आज सभी लोगों की जीवन में तीज मंगलमय हो। इस व्रत को अपने पति की लंबी आयु सुख -शांति एवं प्रगति के लिए इस व्रत को किया जाता है । महिलाएं सोलह सिंगार करती है और दुल्हन की तरह से सज संवार का तैयार होकर अपने मायके से आए वस्त्र ,आभूषण पहनकर दुल्हन की तरह दिखती है , यह नजारा बहुत ही सुंदर एवं अद्भुत ही प्रतीत होता है ,हिंदू धर्म में इस व्रत को पौराणिक महत्व भी है । इस व्रत की खासियत है कि यह में इस यहां पर व सौंदर्य एवं प्रेम का अद्भुत उत्सव है । इस व्रत को आज हरितालिका तीज के नाम से जाना जाता है। हरतालिका दिन महिलाएं निर्जला व्रत रखती है और इस दिन महिलाएं नदी ,तालाब में जाकर बालू (रेती) मिट्टी लाकर मूर्ति बनाकर पूजन करती है ,शिव शंकर पूजा गणेश जी की पूजा की आरती एवं हरितालिका कथा सुनती है । और रात्रि में सभी लोग एक साथ बैठकर भजन-कीर्तन करते है अपने पति की लंबी आयु की कामना करते हैं इसलिए इस व्रत को हर महिलाओं को अनिवार्य है।



