विश्व शांति के लिए श्री राम वन गमन यात्रा में निकले संतो का खरोरा में भव्य स्वागत**

•अयोध्या से शुरू यात्रा का 8 हज़ार* किमी चलकर रामेश्वरम श्रीलंका मे करेंगे समापन।
खरोरा – राम जन्मभूमि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण से प्रभावित होकर युवा संत श्री अमित योगी एवं सम्बल योगी विश्व शांति, धर्म प्रचार प्रसार के उद्देश्य से पिछले एक महीने से राम वनगमन पथ मार्ग के पदयात्रा पर है। पदयात्रा के दौरान कल खरोरा पहुँचे इन युवा संतों का नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल सोनी समेत नगर वासियो व्दारा ज़ोरदार स्वागत किया गया।
अयोध्या निवासी इन नवयुवक भगवाधारी संतों व्दारा तक़रीबन 8 हज़ार किमी के इस लम्बी यात्रा की शुरुआत 16 जुलाई को अयोध्या से की गई है। 1200 किमी की यात्रा तय कर पिछले दिनों 17 अगस्त को ये शिवरीनरायण पहुँचे थे जहां माता शबरी ने भगवान राम को जुठे बेर खिलाये थे। 14 वर्ष वनवास के दौरान भगवान राम कई जगहों पर विचरण किये थे, इनमे से पंचवटी, शिवरीनरायण, नाशिक, रामेश्वरम, श्री लंका जैसे कई प्रमुख स्थल है, जिससे रामायण कॉल की कहानी जुड़ी है। अयोध्या से लेकर रामेश्वरम और श्री लंका तक जहॉ जहॉ भगवान राम के चरण पढे है, इन स्थानों को चिन्हांकित कर तक़रीबन 8 हज़ार किमी लम्बे इस मार्ग को राम वनगमन मार्ग कहॉ जाता है। वही खरोरा विश्राम के दौरान संत अमित योगी ने बताया की भगवान राम ने वनवास के दौरान जिन स्थानों पर समय बिताये है वो स्थान आज पवित्र धाम कहलाते है। जिनके दर्शन मात्र से ही लोगों को कई जन्मों का पुण्य लाभ मिलता है। उन्होंने कहॉ की अयोध्या के राजकुमार राम से मर्यादा पुरुषोत्तम बनने तक की यात्रा का अनुसंधान ही इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य है। श्री अमित योगी ने उपस्थित लोगों से धर्मिक कार्यों में सहयोग की अपिल करते हुवे कहॉ की लोग धर्म के कार्यों से दुर होते जा रहे है। आज हमारे बच्चों, नवयुवकों मे धर्म का बोध खत्म हो रहा है, इससे हमारे समाज मे रावन की बुरी सोच समा रही है। इसलिए हमे धर्म के कार्यों में जुड़ना चाहिए।धार्मिक कार्यो में सहयोग करना होगा इससे समाज में फैले रावन की विचारधारा ख़त्म होगी। रात्रि विश्राम के बाद अगले दिन सुबह दोनों संत चंदखूरी स्थित कौशल्या माता मंदिर के लिए प्रस्थान किये, जिन्हें खरोरा नगर पंचायत अध्यक्ष अनिल सोनी की अगुवाई में नगर वासियो व्दारा गाजे बाजे के साथ विदाई दी गई। इस अवसर पर प्रमुखरूप से सिताराम यादव, चंद्रकुमार डडसेना, राजेश चौहान, नरेन्द्र ठाकुर, एकनाथ पाटिल, विकास ठाकुर, योगेश चंद्राकर, तोरण ठाकुर, सुमीत सेन, भूवनेश्वर सारथी, आयुष वर्मा, यशवंत वर्मा, उमेश वर्मा, सुबोध सेन, लोमश देवांगन, संतोष देवांगन, देवव्रत चंद्रवंशी, अभिषेक वर्मा, दीपक वर्मा, दादू वर्मा सहित बड़ी संख्या में नगरवासी उपस्थित थे।
•राम वनगमन मार्ग को राष्ट्रीय राज मार्ग घोषित करने की माँग।*
वनवास के दौरान भगवान राम ने अयोध्या से लेकर रामेश्वर तक फिर रामेश्वर से रामसेतु के माध्यम से श्रीलंका तक सफ़र तय किये थे। जिसे राम वनगमन मार्ग कहते है। देश के 8 राज्यों से होकर गुजरती इस मार्ग की लंबाई लगभग 75 सौ किमी है। वही रामेश्वर से श्रीलंका तक जो रामसेतु का निर्माण किया गया था वो समुद्र में डुब चुका जाता है। इस पुरे राम वनगमन मार्ग की यात्रा का संकल्प लिये अमित योगी ने एक तरफ़ केन्द्र सरकार से रामेश्वरम के बाद श्रीलंका की क़रीब 50 किमी की यात्रा के लिए सरकार से सहयोग माँगा है। तो वही इस पुरे राम वनगमन मार्ग को राष्ट्रीय राज मार्ग घोषित करने की माँग किया है। उन्होंने कहॉ की सैकड़ों वर्षों से हिन्दू समाज राम मंदिर का सपना देख रहा था जिसे मोदी सरकार ने पुरा किया। राम मंदिर निर्माण से लोगों को राम के चरित्र को बहुत ही क़रीब से समझने का अवसर मिलेगा। अयोध्या हिन्दुओं के आस्था का प्रमुख केन्द्र है जो राम मंदिर निर्माण के बाद विश्व के सबसे बड़े तीर्थ क्षेत्र व पर्यटन स्थल के रूप में उभरेगा। यदी सरकार राम वनगमन मार्ग को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करती है तो देश का एक बड़ा क्षेत्र सीधे तौर से अयोध्या से जुड़ेगा। विश्व शांति के लिए निकले राम गमन पैदल यात्रा संतों का खरोरा में भव्य स्वागत
लालजी वर्मा की रिपोर्ट….


