श्रीराम युवा संघ ने फुका युवाशक्ति का बिगुल

हिरमी- रावन ग्राम भटभेरा में हुआ श्रीराम युवा संगठन का निर्माण सभी युवाओं ने एकत्रित होकर एकता का परिचय दिया । जिसमे युवाशक्ति के विस्तार पर चर्चा हुई अध्यक्ष प्रतिनिधि हेमंत साहू ने कहा कि हमारे क्षेत्र के युवाओं को संगठित करना और एकजुट रखना श्रीराम युवा संगठन का एक सुनहरा स्वप्न है
अध्यक्ष अंकुर धुरंधर ने कहा कि हमारे देश की सबसे बड़ी शक्ति युवा शक्ति है और कहा कि हमारी समस्याओं का हल हमारे हाथो में ही है । युवा किसी भी देश और समाज में बदलाव के मुख्य वाहक होते हैं। इतिहास गवाह है कि आज तक दुनिया में जितने भी क्रांतिकारी परिवर्तन हुए हैं, चाहे वे सामाजिक, राजनीतिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और वैज्ञानिक रहे हों, उनके मुख्य आधार युवा ही रहे हैं। भारत में भी युवाओं का एक समृद्धिशाली इतिहास है। प्राचीनकाल में आदिगुरु शंकराचार्य से लेकर गौतम बुद्ध और महावीर स्वामी ने अपनी युवावस्था में ही धर्म एवं समाज सुधार का बीड़ा उठाया था । आचार्य कौटिल्य ने मगध की जनता को नंद वंश के शासन से मुक्ति दिलाने के लिए एक युवा चंद्रगुप्त मौर्य को अपना प्रमुख साधन बनाया था। पुनर्जागरण काल में राजा राममोहन राय, स्वामी दयानंद सरस्वती के साथ विवेकानंद जैसे युवा विचारक ने धर्म एवं समाज सुधार आंदोलन का नेतृत्व किया। स्वामी विवेकानंद ने तो शिकागो धर्म सम्मलेन (1893) में अपनी ओजस्वी भाषण शैली एवं विद्वता के बलबूते भारतीय धर्म-दर्शन की विजय पताका फहरा दी थी। उनके ओजस्वी भाषण के बाद पश्चिमी साम्राज्यवादी देशों के लोग भी भारतीय ज्ञान परंपरा से अचंभित हो गए थे। दुष्यंत जायसवाल ने सभी युवाओं को सोशल मीडिया के सही उपयोग को बताया कि कैसे हम इसके जरिए ऊपर उठ सकते है भटभेरा में इस कार्य में मुख्य योगदान लखेश्वर साहू का रहा । इसके अलावा कमल किशोर नरेंद्र साहू पीयूष चंद्राकर बसंत वर्मा उमेश वर्मा राकेश निषाद संजू राव रवि कांत जयसवाल विकास वर्मा अमित जनक ध्रुव नीरज वर्मा वासुदेव मन्नसवी साहू एवं युवागण उपस्थित थे
लालजी वर्मा की रिपोर्ट….



