आयकर की कार्यवाही में मुख्यमंत्री सहित कई जा सकते है जेल…….

रायपुर रायपुर में एसपी आरिफ शेख के नाम पर धमकी ,चमकी और अवैध वसूली का मामला सुर्ख़ियों में आने के बाद अब एक और नया मामला तूल पकड़ रहा है। कई राजनैतिक दलों में गोता लगाने वाले महासमुंद निवासी कांग्रेस के दिग्गज नेता की धमकियों और अवैध वसूली की मांग को लेकर दो व्यापारियों ने रायपुर पुलिस, डी.जे.पी और मुख्यमंत्री से कड़ी कार्रवाई की मांग की है। दोनों ही पीड़ित व्यापारियों की शिकायत है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता ने उनके साथ लाखो रुपयों का कारोबार किया। उसकी फर्माे को उनके द्वारा बाकायदा नियमानुसार वस्तुओ की आपूर्ति की गई। इसके एवज में कांग्रेस के दिग्गज नेता की फर्म ने भुगतान के लिए चेक जारी किया। लेकिन बैंको में वो चेक बाउंस हो गए। चेक बाउंस होने की जानकारी जब कांग्रेस के दिग्गज नेता और उसकी फर्म को दी गई, तब पता पड़ा कि भुगतान से बचने के लिए उन्होंने चेक गुमशुदगी की शिकायत पुलिस में दर्ज करा दी। व्यापारियों के मुताबिक इस शिकायत की जांच आलाधिकारियों ने की और उन्होंने कांग्रेस के दिग्गज नेता की शिकायत झूठी पाई। इसके उपरांत अदालत में खात्मा भी भेजा गया। लेकिन कांग्रेस के दिग्गज नेता के खिलाफ पुलिस ने ना तो झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने की और ना ही व्यापारियों के हुई धोखाधड़ी की शिकायत पर थ्प्त् दर्ज की। व्यापारियों की दलील है कि कांग्रेस के दिग्गज नेता अब रायपुर रेंज के आईजी का नाम लेकर अवैध उगाही के लिए उन्हें डरा धमका रहा है। रायपुर पुलिस अधिक्षक आरिफ शेख को की गई शिकायत में तीनो ही व्यपारियों ने अपनी आप बीती सुनाते हुए तमाम सबूतों के साथ सूर्यकांत तिवारी का कालाचिट्ठा सौंपा है। शिकायतकर्ताओं को पुलिस अधिक्षक ने वैधानिक कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। महासमुंद निवासी कांग्रेस के दिग्गज नेता एक समय कांग्रेसी नेता अजित जोगी के करीबी रहे। कांग्रेस से नाता तोड़ जब अजित जोगी ने जनता कांग्रेस का गठन किया तब उनके खेमे में चले गए। दिल्ली में ठैच् सुप्रीमो मायावती के साथ जब जोगी कांग्रेस का गठबंधन हुआ उस समय कांग्रेस के दिग्गज नेता काफी सक्रिय रहे। लेकिन छत्तीसगढ़ में बीजेपी और जोगी कांग्रेस को जब भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने पटखनी दी, तब कांग्रेस के दिग्गज नेता ने भी पाला बदल लिया। अब वो कांग्रेस के कार्यकर्ता के रूप में अपनी पहचान बता रहे है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को गुलदस्ता भेट करते तो कभी उनके बगल में फोटो खिचवाकर फुले नहीं समां रहे है। कांग्रेस मुख्यालय से संपर्क कर उनकी पार्टी सदस्य्ता के बारे में हमारे सवांददाता ने पूछताछ की तो कोई अधिकृत जानकारी प्राप्त नहीं हो पाई। प्राप्त शिकायतों के आधार पर पता पड़ा कि कांग्रेस के दिग्गज नेता की भागीदारी वाली गंगा कंस्ट्रशन नामक फर्म द्वारा पूजा ट्रेडर्स को फ्यूल ऑइल की आपूर्ति के लिए चेक द्वारा दिनांक 21/09/2015 को 7,50,330 रुपए और दिनांक 28/10/2015 को 7,50,330 रुपए जारी किए गए थे। दोनों ही चेक रकम लगभग 15 लाख के चेक बाउंस की शिकायत कारोबारी एन के अग्रवाल ने की है। दूसरी शिकायत चीमा लोकल केरियर कंस्ट्रक्शन के गुरुमुख सिंह आत्मज गुरुचंरण सिंह की ओर से की गई है द्य उन्होंने भी अलग अलग तिथियों में जारी किए गए विभिन्न चेको का विवरण दिया है द्य उनके द्वारा भी लगभग सात लाख रुपए के चेक बाउंस की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई थी। न्यूज़ टुडे छत्तीसगढ़ ने कांग्रेस के दिग्गज नेता का पक्ष जानने के लिए उनसे संर्पक किया लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। बताया जाता है कि पूर्ववर्ती सरकार के कार्यकाल में विवादित आईपीएस अधिकारी मुकेश गुप्ता हस्ताक्षेप के चलते कांग्रेस के दिग्गज नेता के खिलाफ कोई अपराधिक प्रकरण दर्ज नहीं हो पाया था। राज्य में नई सरकार के गठन के बाद पीड़ितों को उम्मीद है कि उन्हें न्याय प्राप्त होगा। मामले को देखते हुए कानून के जानकारों के द्वारा बहुत जल्द ही कांग्रेस के मुख्यमंत्री सहित कई बड़े मंत्रियो की जेल यात्रा कुंडली में नज़र आ रही है।
चिराग की चिंगारी
बजरंग लाल सैन




