कांग्रेस भाजपा के बीच अविश्वास प्रस्ताव का खेल महासमुंद के बाद सरायपाली


महासमुंद स्थानीय नगरपालिका के भाजपा अध्यक्ष के खिलाफ कांग्रेस द्वारा अविश्वास प्रस्ताव लाये जाने के पश्चात अब सरायपाली नगरपालिका में भी भाजपा की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है। हालांकि सरायपाली के अविश्वास प्रस्ताव को लेकर अभी सम्मिलन की तिथि तय नहीं हुई है। और जैसा किए महासमुंद पालिका के अध्यक्ष ने कहा था उनके पास जादुई आकंडा है और वे समय पे अपना कमाल दिखायेंगें। उसी तर्ज पर सरायपाली के पालिका अध्यक्ष ने भी दावा किया है किए उनके खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव ध्वस्त होना तय है। भाजपा के अनेक पार्षद अभी से कांग्रेस में आने को तैयार है। कांग्रेस के अल्पमत होने पर भी अगर वे अध्यक्ष बने है तो इसके पीछे भाजपा वाले भाइयों का ही योगदान था और आगे भी बना रहे। इसलिये उन्हें अविश्वास प्रस्ताव को लेकर कोई चिंता नहीं है।
ज्ञातव्य है किए सरायपाली नगरपालिका में दलगत स्थिति की बात करे तो 15 पार्षदों वालें परिषद में भाजपा पार्षदों की संख्या 9 है जबकि कांग्रेस के 3 पार्षद व तीन अन्य पार्षद निर्दलीय है। बताया जाता है किए पिछले दिनों सरायपाली प्रवास पर आए पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह द्वारा होटल सिमरन में भाजपा पार्षदों की बैठक लेते हुए बहुमत के बाद भी भाजपा को विपक्ष में बैठना आखिर कैसे संभव होगा। कांग्रेस का कब्जा है। समझा जा रहा है, इसी दौरान अविश्वास प्रस्ताव की रणनीति तैयार की गई थी। जिसके तहत अविश्वास प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया है।

बजरंग लाल सैन




