संतों को राजनीति में लाए, यदि राजा संन्यासी है तो राज्य को रामराज्य होने में समय नहीं लगता

अभा आध्यात्मिक विकास संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं स्वदेशी जागरण मंच पंजाब के संत संपर्क प्रमुख स्वामी दयानंद सरस्वती पैतृक गांव कोठियां आए

भीलवाड़ा-कोठियां अखिल भारतीय आध्यात्मिक विकास संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष, विश्व हिंदू परिषद, पंजाब मार्गदर्शन मंडल के सदस्य एवं स्वदेशी जागरण मंच पंजाब के संत संपर्क प्रमुख 1008 स्वामी दयानंद सरस्वती महाराज अपने पैतृक गांव कोठियां पहुंचे। वे यहां संगीतमय भागवत कथा का वाचन कर रहे हैं। स्वामी दयानंद सरस्वती का बचपन का नाम दिनेश सैन था। 20 वर्ष की उम्र में मन में वैराग्य और भाव जागा और सन्यासी बनने निकल पड़े। कोठिया में रहते हुए प्राज्ञ कॉलेज विजयनगर से एमए किया। इनके पिता रामप्रसाद सैन खोटिया के सीनियर सेकेंडरी स्कूल चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी थे। स्वामी जी का लुधियाना में कमल कुटी आश्रम और वृंदावन में कमल बिहारी आश्रम है। बुधवार को कलश यात्रा के साथ भागवत कथा का शुभारंभ हुआ। शिव माली परिवार की ओर से शीतला माता के पास नया तालाब चौक में 17 मई तक प्रतिदिन शाम 7:00 बजे से रात 11:00 बजे तक भागवत कथा होगी। कोठियां में यह दूसरी कथा है। पहली बार यहां वर्ष 2019 में कथा की थी।

अब तक 800 भागवत, 1000 रामकथा देवी, शिव महापुराण, देवी भागवत, गणेशपुराण कथा कर चुके हैं

Q. वैराग्य का विचार कैसे आया?
A. पूर्व जन्म में संस्कारों एवं इस जन्म में उच्च कोटि के साधकों के संग से बचपन से भगवद भक्ति का रंग लग गया।

Q. किस उम्र में घर छोड़ा और किस संप्रदाय से जुड़े?
A. 20 वर्ष की उम्र से घर छोड़ा था। पहली बार कई संप्रदायों के संपर्क में आना हुआ, लेकिन दीक्षा व संस्कार भगवदपाद शंकराचार्यजी के दशनाम सन्यास परंपरा में हुआ।

Q. कहां तक पढ़ाई की और अब कुल कितनी भागवत कथाएं कर चुके हैं?
A. कोठियां रहते हुए विजयनगर कॉलेज से पढ़ाई की। दर्शनशास्त्र में एमए प्रथम वर्ष किया। अब तक 800 भागवत कथा हो चुकी है। करीब 1000 राम कथा, शिव महापुराण, देवी भागवत, गणेशपुराण आदि कथाएं हो चुकी हैं।

Q. योगी आदित्यनाथ राजनीति में आए और दूसरी बार यूपी के मुख्यमंत्री बने। संतों का राजनीति में आना कहां तक उचित है?
A. आज के समय में संतों का राजनीति में आना आवश्यक है। राजनीति में नीति शब्द जुड़ा है, यदि राज से नीति हटा दो तो राज निरंकुश हो जाएगा। यदि राजा सन्यासी है तो राज्य रामराज्य हो जाएगा। प्रभु से प्रार्थना है कि राम राज्य हो।

Q. राजस्थान में भी उत्तर प्रदेश की तरह ऐसी संभावना लगती है।
A. राजस्थान संतों और वीरों की भूमि है। यदि राजस्थान की भाजपा ऐसे समय किसी संत को योग्य रूप से देखती है तो अवश्य करना चाहिए।

गो धर्म का प्रतीक है, गो हत्या बंद होनी चाहिए…….

प्रत्येक व्यक्ति वह चाहे किसी भाषा क्षेत्र या धर्म से संबंध रखता हो उसका पहला कर्तव्य राष्ट्रव्यापी हित भावना हो। हमे राष्ट्र के बारे में पहले विचार करना चाहिए। कोई भी किसी को धर्म परिवर्तन के लिए नहीं उकसाए। सभी दूसरे धर्मों का सत्कार करें। समृद्धि पाना हो या भगवत प्राप्ति दोनों के लिए स्वच्छता और पवित्रता आवश्यक है। आज समाज जागरूक हो रहा है। स्वच्छता तो है पर पवित्रता का विचार क्षीण है। दोनों बेहद जरूरी है। जीवों का विशेष ख्याल रखें। जीव हत्या बंद होनी चाहिए। व्यक्ति को शाकाहारी बनना चाहिए। विशेष रूप से गो हत्या बंद होनी चाहिए। गो धर्म का प्रतीक है। समाज में हर वर्ग का आध्यात्मिक विकास हो। हर सनातनी को हमारे शास्त्र, सिद्धांत, विचार जानने चाहिए। सभी संस्कार युक्त हो। सत्संग, स्वाध्याय से स्वयं और परिवार का विकास करें।
सभार🙏🙏

चिराग की चिंगारी
बजरंग लाल सैन

Youtube

मिल्खा सिंह ज्ञानी

एडिटर-इंडिया007न्यूज मो.+91 98279 34086

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button