बड़ा फर्जीवाड़ा अपात्र किसानों को मिल रहा 6000 किसान सम्मान निधि, 1329 लोगों से होगी वसूली जाने कैसे हुआ फर्जीवाड़ा

फर्जीवाड़ा : इनकम टैक्स देने वाले भी ले रहे 6 हजार किसान सम्मान निधि, 1329 लोगों से होगी वसूली,
केंद्र सरकार की किसानों को हर साल 6 हजार रुपए देने की प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में गड़बड़ी सामने आई है। जिले में 864 किसान ऐसे मिले जो इनकम टैक्स देने वाले सरकारी कर्मचारी, पेंशन लेने वाले और लाखों कमाने वाले हैं। इसके अलावा 465 किसान ऐसे मिले, जो अपात्र हैं। जो 3 साल से सम्मान निधि ले रहे थे।
अब दोनों को मिलाकर 1329 लोगों से 92 लाख 58 हजार रुपए की वसूली की जाएगी। इसके लिए राज्य शासन से किसानों के खाता नंबर मंगाई गई है। जिले में 1 लाख 25 हजार 108 किसान पंजीकृत हैं। अभी 1 लाख 17 हजार 203 किसानों को सम्मान निधि की राशि मिल रही है। इसके लिए पात्र और अपात्र किसानों की सूची जारी की गई थी। जिसमें अपात्र किसानों को योजना का लाभ नहीं मिलना है।
योजना के तहत 2 हेक्टेयर से कम जमीन वालों को ही पात्र माना गया था। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन जमा किए गए थे। पटवारियों को राजस्व रिकॉर्ड का सत्यापन करने का जिम्मा दिया गया था। लेकिन शुरुआत में ही जिनके पास जमीन थी उन्होंने आवेदन जमा कर दिया और योजना का लाभ उठाने लगे। पंजीयन और सत्यापन भी ठीक से नहीं हो पाया इसी वजह से अपात्र लोग भी योजना का लाभ उठा रहे हैं। अब ऐसे लोगों की पहचान कर किश्त रोक दी गई है। साथ ही वसूली के लिए सर्वे किया जा रहा है।
क्या है पीएम किसान सम्मान निधि
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि केंद्र की योजना है। इस योजना को 24 फरवरी 2019 को शुरू किया था, लेकिन योजना का लाभ दिसंबर 2018 से ही दिया जा रहा है। मझोले और छोटे किसानों को तीन किस्तों में हर साल 6000 रुपए दिए जाते हैं। हर 4 महीने के अंतराल से किसान के खाते में 2 हजार रुपए सीधे भेजे जाते हैं।
आधार, पैन लिंक होने के बाद पकड़ में आई गड़बड़ी
किसान सम्मान निधि योजना में गड़बड़ी तब पकड़ में आई, जब लाभ उठा रहे किसानों वेरीफिकेशन किया गया। आधार और पैन नंबर लिंक होने के बाद जांच और वेरिफिकेशन आसान हो गया। आधार और पैन नंबर से इनकम टैक्स देने वालों का डाटा सामने आ गया। इसके बाद केंद्र सरकार ने ऐसे किसानों की सूची भेजकर अपात्र बताते हुए वसूली करने कहा है। वसूली के लिए कृषि विभाग के अधिकारी अब इन किसानों से संपर्क करेंगे।
अपात्र किसानों से वसूली करने करा रहे सर्वे: एडीओ
कृषि विभाग के एडीओ डीपीएस कंवर ने कहा अपात्र किसानों की सूची केंद्र से ही मिली है। इनसे राशि की वसूली होगी। इसके लिए सर्वे करा रहे हैं। अब भौतिक सत्यापन के बाद ही राशि दी जा रही है।




