घायल लावारिश मवेशियों का स्वयं की खर्च से डॉक्टर बुलाकर इलाज कराते है सनत कुमार।

खरोरा:—–ग्रामीण अंचलों में इन दिनों सड़कों पर यहां-वहां घूमते गाय, बैल, बछड़े दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। जिनकी सुध लेने वाला कोई नहीं है। मवेशी मालिक अपने मवेशियों को खुलेआम छोड़ देते हैं जो यहां वहां सड़कों पर बैठे रहते हैं। जिससे वाहन चालकों को तो परेशानी होती है। इसके अलावा सड़को पर बैठे लावारिश मवेशियो को आये दिन सड़क मार्ग पर दौड़ती तेज रफ़्तार वाहनों के चपेट में आने से बेमौत हो जाते है।इसके साथ ही दुर्घटना की शिकार हुए मवेशियों के सुध लेने कोई नही पहुँचते और ईलाज की अभाव में दम तोड़ देते है।किन्तु ग्राम मोहरा की एक व्यपारी सनत कुमार वर्मा पिता भागीरथी वर्मा ने एक बहुत ही बड़ी बीड़ा उठा ली है अपने गांव के अंदर लगभग 2-3 किलो मीटर दूर तक लावारिश मवेशियों व सड़क दुर्घटना की शिकार हुई तो जानकारी होने पर स्वम की खर्च से ईलाज कराते है उनका कहना कि मुख़बधिर इन मवेशियों की दर्द उसे सहन नही होते इन्ही कारणों से वे अपने स्वम की खर्चो से डॉक्टर बुलवा कर ईलाज कराते है।
लालजी वर्मा की रिपोर्ट….



