कटघोरा वनमंडल: तालाब निर्माण में 12 लाख का फर्जी भुगतान..5 महीने बाद भी नही हुई कोई कार्यवाही..

कटघोरा वनमंडल: तालाब निर्माण में 12 लाख का फर्जी भुगतान..5 महीने बाद भी नही हुई कोई कार्यवाही..
प्रद्युमन सिंह तंवर बीटगार्ड ने परिजनों को मजदूर बता किया फर्जी भुगतान..
सत्तू जायसवाल सहित बीट गॉर्ड पर दर्ज होनी चाहिए एफआईआर
कोरबा: कटघोरा वनमंडल भ्रष्टाचार को लेकर हमेशा सुर्खियों में बना रहता है, यहां अधिकारी तो बदलते रहे लेकिन भ्रष्टाचार कम होने का नाम नहीं ले रहा है । ताजा मामला कटघोरा वनमंडल के जटगा रेंज का है जहां तालाब निर्माण में फर्जी भुगतान के मामले की 5 महीने बाद भी जांच नहीं हो सकी। फर्जी भुगतान मामले में प्रभारी रेंजर रहे शहादत खान ने रिटायर होने के बाद जांच के लिए फाइल को एसडीओ चंद्रकांत टिकरिया को सौंप दिया है। लेकिन आज तक मामले में किसी प्रकार की कार्यवाही होते नजर नहीं आ रही है
दरअसल जटगा वन परिक्षेत्र के बीट गार्ड प्रद्युमन सिंह तंवर ने अपने परिजनों को ही मजदूर बताकर उनके खाते में करीब 12 लाख का भुगतान कर बड़ा फर्जीवाड़ा किया था ।
गौरतलब है की जटगा रेंज के ग्राम कुटेश्वरनगोई में वर्ष 2018-19 में नया तालाब निर्माण के लिए 21 लाख रुपए की मंजूरी मिली थी। उस समय रेंजर सत्तू जायसवाल थे। कार्य को बीट गार्ड प्रद्युमन सिंह तंवर ने काम तो कराया,लेकिन मजदूरों को भुगतान नहीं किया गया। जब जानकारी ली गई तो पता चला कि जिनके खाते में राशि डाली गई है वे करतला ब्लॉक के सरगबुंदिया के हैं। बीट गार्ड प्रद्युमन सिंह के परिजन हैं। उनके नाम पर 12 लाख 18 हजार 913 का भुगतान किया गया है।
गड़बड़ी पाए जाने पर तत्कालीन रेंजर सत्तू जायसवाल का तबादला पेंड्रा कर दिया गया था इसके बाद मुख्य वन संरक्षक ने जांच के आदेश दिए थे, जांच के आदेश के बाद जांच हेतु टीम गठित की गई ,लेकिन आज 5 महीनो के बाद भी बिट गार्ड के ऊपर किसी प्रकार की कार्यवाही का ना होना वन विभाग के अधिकारियो की कार्यशैली पर एक गंभीर सवाल खड़ा करता है ।
भाइयों को बनाया श्रमिक पुराना मामला है..
जटगा रेंज से सरगबुंदिया की दूरी 60 किलोमीटर से अधिक है। बीट गार्ड प्रद्युमन सिंह की भाभी सरपंच है। भाई रविंद्र तंवर के नाम पर 99578, अश्वनी तंवर के नाम पर 49500, रणजीत के नाम पर 96138, प्रवीण तंवर के नाम पर 99122 रुपए खाते में जमा करा दिया।
एसडीओ ने कहा पुराना मामला है जांच करेंगे..
कटघोरा वन मंडल के एसडीओ चंद्रकांत टिकरिया का कहना है कि मैं अभी प्रभार में हूं। काफी पुराना मामला है। इसके बाद भी मामले की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। यह मामला काफी गंभीर है। अब देखना ये होगा कि क्या इस पूरे मामले में बीटगार्ड सहित तात्कालिक रेंजर सत्तू जायसवाल पर कोई कार्यवाही होती है या फिर इस मामले को आगे भी दबाए जाने का प्रयास किया जाएगा
विधानसभा में उठा मामला
मजदूरी भुगतान में किए गए फर्जीवाड़ा का मामला विधानसभा में भी उठ चुका है जिसमे सोमवार को कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए जा सकते है ।
पुनीत कुमार दुबे की रिपोर्ट***
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