“छ.ग. की वन संपदा रोकर कहरी अपनी कहानी”


“कटघोरा वन मंडल की घोर लापरवाही”
छ.ग. के गर्भ गृह में बसे कटघोरा वन मंडल के अंतर्गत जटगा रेंज के अंतर्गत तुमान सर्किल के तुमान बिट आरेंज ऐरिया 681 में नवीन पौधा रोपण का कार्य गत दिनों पहले ही हुआ था
लेकिन सूत्रों से जानकारी मिली कि वहां रखाया पौधा फेंसिंग तार के बाहर फेकाया मिला तथा काम पूर्ण होने के बाद भी पौधों में डाले जाने वाले अत्यंत आवश्यक खाद्य सामग्री भी फेंकाया मिला।

रेंज के अंतर्गत पदस्थ फारेस्ट गार्ड प्रद्युमन तवर, डिप्टी रेंजर प्रतिमा पैकरा व रेंजर मनीष सिंह की निगाहें नहीं गई ना ही इनके द्वारा नुकसान पहुंचाने वाले लोगों पर कार्यवाही की गई। शासन द्वारा लाखों करोड़ों खर्च कर वनांचल इलाके में प्लांटेशन कर पेड़ तैयार करते हैं उनकी देखरेख करने के लिए फॉरेस्ट गार्ड से लेकर रेंजर तक पदस्थ कर रखते हैं लेकिन इनकी घोर लापरवाही का नतीजा है कि शासन की करोड़ों राशि के वृक्षारोपण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है
वृक्षारोपण को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के विरुद्ध व शासन के इन कर्मचारियों के विरुद्ध दंण्डनात्मक कार्यवाही की जानी चाहिए ताकि ऐसी हरकतों पर लगाम लगाया जा सके। शासन के द्वारा फलदार पौधा रोपण किया जाता है ताकि वन्य प्राणियों के चारे हेतु उपयोगी हो सके। इनका देखभाल किया जाना नितांत आवश्यक है इस प्रकार की घोर लापरवाही से ऐसा प्रतीत होता है की इन कर्मचारी की भी उक्त क्रियाकलाप पर मिलीभगत है। तत्काल कार्यवाही करने से अन्य रेंज पर भी लगाम कसी जा सकती है।
💥कटघोरा से साहिल वर्मा की रिपोर्ट💥




