डोंगरगाव महिला नगर साहू संघकी टीम द्वारा प्रदेश स्तरीय परिचय एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया

महिला नगर साहू संघ डोंगरगांव की टीम द्वारा कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश से पधारे हुए अतिथियों के द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ मां कर्मा के तैल चित्र पर पूजा अर्चना एवं मां कर्मा की आरती के साथ किया गया | अतिथियों का स्वागत पुष्पगुच्छ व चंदन वंदन के साथ साथ स्वागत गीत श्रीमती इंदु साहू अध्यक्ष नगर संग डोंगारगांव एवं महिला नगर साहू संघ डोंगारगांव की सदस्य श्रीमती चंद्रकांति साहू के द्वारा किया गया|महिला टीम एवं आए हुए अतिथियों का परिचय दिया गया|
सर्वप्रथम विभा साहू (संयुक्त सचिव प्रदेश साहू संघ )ने कहा मै शुरू से ही समाज से जुड़ कर महिलाओ को आगे लाने का प्रयास कर रही हू | समाज सेविका श्रीमती जय श्री साहू ने महिलाओं को समाज में संगठित होकर काम करने के लिए प्रोत्साहित किया| यामिनी साहू भागवताचार्य जो की भागवत कथा व समाज के माध्यम से बहनों को एकजुट होकर कार्य करने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया| नैनीहालो को घर से ही संस्कार व शिक्षा देकर आगे बढ़ाने की बात कही| रत्नावली सीता आदि का बहुत ही सुंदर उदाहरण देते हुए बहनों को अपने अंदर सोये हुए नारी शक्ति को जागृत करने की बात कही|
सरिता ने सभी बहनों से आवाहन किया कि बहने घर की चारदीवारी से बाहर निकले और अपने हक और अधिकार के लिए आवाज उठाये, अब वह समय आ गया है जब बहने पुरुष के एकक्षत्रिय राज को समाप्त करें और स्वयं एकजुट होकर बहनों को समाज की मुख्यधारा में शामिल कर उनके उत्थान के लिए कार्य करें, अपने अंदर सोए हुए नारी को जगाए और अपनी शक्ति का परिचय दें |पुरुषों को यह एहसास दिलाये कि पुरुषों का अस्तित्व नारी से हैं उन्होंने यह भी कहा की महिला सामाजिक कार्यों से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ें और वक्त आए तो सामाजिक पदों में अधिक से अधिक संख्या में जुड़ें |
अंत में श्रीमती विद्या ने समाज में 1974 से अपनी सेवा , बहुत सारी बाधाओं, मान सम्मान, अपमान का अनुभव को हमारे बीच बांटते हुए नारी की शक्ति का पहचान कराते हुए कहा कि नारी ही ब्रह्मा विष्णु और महेश है क्योंकि जिस प्रकार ब्रह्मा सृष्टि करता है वही काम नारी शिशु को जन्म देकर करती है जिस प्रकार विष्णु पालनहार है उसी प्रकार नारी शिशु का लालन-पालन करती है| जिस प्रकार शिव संहारक है नारी वक्त आने पर चंडी बन जाती है उन्होंने यह भी कहा कि हमें अबला नहीं सबला बनना है विद्या जी ने नारियों से आवाहन किया कि वे अपनी शक्ति को पहचाने और सकारात्मक दिशा में उसका उपयोग करें |ससुराल मे बेटी को सामंजस्य स्थापित करना सिखाये न की मायके मे लाके बिठाये|||
कार्यक्रम का संचालन श्रीमती सुजाता साहू डोंगरगढ़ के द्वारा किया गया|
कार्यक्रम में हमारे प्रदेश जिला व नगर से आए अतिथि गण श्रीमती सुजाता साहू डोंगरगढ़, आरती साहू, प्रमिला |छुरिया से रोमिंग, चित्रा |दुर्ग भिलाई से सीमा साहू ,दानेश्वरी ,जामुन ,सरोज, नयन ,हेमा ,सुश्री पायल सरिता ,ममता| पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती संध्या नरेंद्र साहू , उमा,खिलेश्वरी, रुखमणि साहू, वीणा , खिलेश्वरी साहू, हंशु साहू ,लीला ,रेणुका, रश्मि, माहेश्वरी गंजीर ,भेष कुमारी, सुनीता ,लक्ष्मी बघेल , किवन् त्रिवेणी, गीता ,सुखिया चंद्रकांति ,लीना ,तीज देवी, सरस्वती ,शकुंतला, शांती,भारी संख्या में उपस्थित थे महिलाओं ने अपनी सहभागिता निभाते हुए कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई|||
अंत मे महिला नगर साहू संघ की अध्यक्ष श्रीमती हंशु साहू द्वारा सभी अतिथियों और आये हुए नारी शक्ति का महिला नगर साहू संघ डाँगरगांव की सभी सदस्यों की ओर से आभार व्यक्त किया गया ||
देवेन्द्र कुमार की रिपोर्ट—–




