भृत्य की तानासाही अधिकारियों को कर रही है ग़ुमराह क्यों?

श्री पुरुषोतम पटेल अधिवक्ता सरायपाली तहसील सरायपाली में कार्यरत भृत्य श्रीमती उत्तरा कोसरिया के अवकाश का आवेदन पत्र एवं उपस्थिति पंजी की जानकारी सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांग किये जाने पर श्री युवराज कुर्रे जन सूचना अधिकारी एवं तहसीलदार सरायपाली द्वारा लोक दस्तावेज होने से पत्र दिनांक 13/12/2021 के माध्यम से आवेदक को प्रदाय किया गया है।
इसी दास्तवेज को श्री चंद्रहास कश्यप अधिवक्ता महासमुंद द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत पत्र दिनांक- 29/11/2021 के माध्यम से अधिनियम का गलत ब्याख्या कर अपने आप को बचाने एवं श्रीमती कोसरिया को बचाने के लिए तृतीय पक्ष का जानकारी मानकर देने से इंकार कर दिया गया। क्योंकि कार्यालय से लापता अवधि का भी वेतन किया जा चुका है। एक ही कार्यालय में श्री युवराज कुर्रे लोक दस्तावेज है मानकर प्रदाय किया गया है वहीं श्री रामटेके नायब तहसीलदार होकर भी तहसीलदार से सुपरशीट कर, जानकरी देने से इंकार कर दिया गया।
श्री कश्यप अधिवक्ता महासमुंद द्वारा सूचना के अधिकार अधिनियम 2005 के तहत पत्र दिनांक- 09/12/2021 के द्वारा यही जानकारी मांग किये जाने पर श्री आदित्य कुंजाम, जन सूचना अधिकारी एवं तहसीलदार सरायपाली अपने पत्र दिनांक- 07/01/2022 के माध्यम से श्री सतीष रामटेके एवं कोसरिया को बचाने के लिए अधिनियम का गलत ब्याख्या कर तथा समयावधि 30 दिन व्यतीत होने के बाद जावक पंजी क्रमांक 209 दिनांक- 22/01/2022 के तृतीय पक्ष का जनकारी मानकर देने से इंकार कर दिया गया। क्योंकि कार्यालय से लापता अवधि का भी वेतन भत्ता श्रीमती उत्तरा कोसरिया को श्री रामटेंके द्वारा कराया जा चुका है। 30 दिन व्यतीत होने की पुष्टि कार्यालय के डॉक बुक पंजी एवं रेजिष्ट्री दिनांक से किया जा सकता है। एक ही कार्यालय में एक तहसीलदार श्री युवराज कुर्रे द्वारा जानकारी प्रदाय किया गया और श्री आदित्य कुंजाम एवं सतीष रामटेके द्वारा जानबूझकर देने से इंकार कर दिया गया है।
श्री कश्यप, अधिवक्ता द्वारा जानकारी प्राप्त नहीं होने पर प्रथम अपीलीय अधिकारी एवं अनुविभागीय अधिकारी सरायपाली के समक्ष अपील पेश किया गया। अपीलीय अधिकारी अपने आदेश दिनांक- 31/01/2022 के माध्यम से आवेदक द्वारा मांग की गई जानकारी लोकदस्तावेज होने से प्रदाय करने का आदेश पारित किया गया है।
अपीलीय अधिकारी के आदेश होने पर अपने आप को बचाने के लिए श्री सतोष रामटेके नायब तहसीलदार और कोसरिया द्वारा हड़बड़ी में पिछला तिथि का अवकाश का आवेदन तैयार करवाकर तत्कालीन तहसीलदार सरायपाली श्री युवराज कुर्रे से आवेदन में बिना तिथि के मार्किंग करवाकर कार्यालय के लिपिक श्री प्रशांत प्रधान को कोसरिया के माध्यम से 02/02/2022 को बाईहैंड आवेदक को देने दिया गया है, क्योंकि आवेदक को प्रदाय की गई श्रीमती कोसरिया के आवेदन में श्री युवराज कुर्रे का न ही तिथि अंकित है और न ही कार्यालय के डॉक पंजी में प्रविष्टि पाया गया है।
जन सूचना अधिकारी से प्राप्त जनकारी एवं दास्तवेज साक्ष्य अनुसार श्रीमती कोसरिया भृत्य द्वारा बिना आवेदन व स्वीकृति के कर्तब्य से गायब रहकर 08/03/2021, 09/03/2021, 10/03/2021/, 02/08/2021, 03/08/2021, 04/08/2021, 21/12/2021 को अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रही है। इसी प्रकार दिनांक- 06/08/2020, 07/08/2020, 21/08/2020, 06/07/2021 को सक्षम अधिकारी के बिना अनुमति व आदेश को माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में उपस्थित रही है। इस पर क्या कार्यवाही की जावेगी। ग्राम सुखापाली में प्रथम लहर के कोविड-19 के मरीज मिलने से कोविड-19 कंटेनमेन जोन दिनांक 01/06/2020 से 30/06/2020 तक घोषित था। इस अवधि में ग्राम सुखपाली के किसी भी व्यक्ति को बिना अनुमति व सूचना के ग्राम सुखपाली जाने की अनुमति नही थी और न ही ग्राम में बाहर के किसी व्यक्ति को अंदर आने की अनुमति थी। उसके बाद भी श्रीमती कोसरिया जिला दंडाधिकारी महासमुंद के आदेश का अवहेलना करते हुए एक शासकीय कर्मचारी होते हुए 02/06/2020 को बिना अनुमति एवं आदेश के महासमुंद जाकर नोटरी से शपथ पत्र तैयार करवाई। दिनांक- 05/06/2020 को महासमुंद जाकर माननीय सिविल न्यायालय महासमुंद एवं पुलिस अधीक्षक कार्यालय महासमुंद में उपस्थित रही है। दिनांक- 08/06/2020 को माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर जाकर शपथ पत्र दी। दिनांक- 18/06/2020 को माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर जाकर शपथ पत्र प्रस्तुत की अर्थात कंटेनमेन जोन एरिया से निकलकर कोविड-19 महामारी रोग को फैलाने का अपराधिक कृत्त किया गया है। इस संबंध से क्या कार्यवाही की जावेगी।
श्रीमती कोसरिया दिनांक 02/07/2020, 10/07/2020, 14/07/2020, 21/07/2020, 14/08/2020, 21/06/2020, 23/06/2021, 19/08/2021 को माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में उपस्थित रही है और इसी तिथि में कार्यालय में उपस्थिति पंजी में छलकपट का हस्ताक्षर कर दी है। दिनांक- 03/07/2020 को तत्कालीन अधीक्षक के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराने महासमुंद में उपस्थित रही है और दिनांक- 24/07/2020 को 164 का बयान दर्ज कराने माननीय न्यायालय महासमुंद में उपस्थित रही है और इसी तिथि में कार्यालय में उपस्थिति पंजी में छलकपट कर हस्ताक्षर कर कर्तब्य में उपस्थित रहने का अपराधिक कृत्य के साथ वेतनभत्ता भी प्राप्त कर लिया गया है। इस संबंध में क्या कार्यवाही करेंगे।
दिनांक- 16/09/2020 से 06/12/2020 तक मेडिकल अवकाश में रहने का आवेदन देकर दिनांक- 18/09/2020, 15/10/2020, 05/11/2020, 03/12/2020, 10/12/2020 को माननीय न्यायालय से किसी भी प्रकार का कोई आदेश व नोटिस नहीं मिलने के बाद भी श्रीमती कोसरिया द्वारा माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में उपस्थित रही है। इससे सिद्ध हो रहा है कि श्रीमती उत्तरा कोसरिया वास्ताविक में बीमार न होकर फर्जी मेडिकल आवेदन कार्यालय में प्रस्तुत कर बिना अनुमति व आदेश के न्यायालयीन कार्य में उपस्थित रही है। फर्जी मेडिकल अवकाश स्वीकृति हेतु बिना परीक्षण के कार्यालय द्वारा सक्षम अधिकारी को भेजा गया है। इस पर क्या कार्यवाही की जावेगी।
श्रीमती कोसरिया द्वारा दिनांक- 15/07/2020 को घरेलू कार्य उल्लेखित कर अवकाश का आवेदन दिया गया जिसमें मुख्यालय छोड़ने की अनुमति नहीं लिया गया है उसके बाद बिना कोई अनुमति व आदेश के माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में वीडियो कांफ्रेंस में उपस्थित होकर बयान दर्ज कराया गया है।
जन सूचना अधिकारी एवं तहसीलदार दिनांक- 09/02/2022 द्वारा अवगत कराया गया है की श्रीमती कोसरिया दिनांक- 06/11/2021 के आवेदन में महासमुंद जाने का उल्लेख किया गया है। इसके अतिरिक्त माननीय न्यायालयों में उपस्थित होने हेतु किसी भी प्रकार की अनुमति या सूचना नहीं दिए जाने के कारण विभाग द्वारा कार्यवाही नहीं किया गया है।
इसकी शिकायत अनुविभागीय अधिकारी सरायपाली को जांच उपरांत कार्यवाही हुई दिया गया है।

चिराग की चिंगारी
बजरंग लाल सैन

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मिल्खा सिंह ज्ञानी

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