नगर पालिका चुनाव के दौरान पॉलिटेक्निक कॉलेज में मतगणना स्थल में तोडफ़ोड़

न्यायालय ने जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह व अन्य आरोपियों के विरूद्ध जारी किया स्थाई वारंट
दूसरे एफआईआर में भी जोड़ी गई अजमानती धारा
आरोपियों पर लटक रही गिरफ्तारी की तलवार
राजनांदगांव. नगर पालिका चुनाव के दौरान पॉलिटेक्निक कॉलेज में मतगणना स्थल में तोडफ़ोड़ व भाजपा नेताओं द्वारा किये गये अपराधिक कृत्य को लेकर मामले में अब एक नया मोड़ आ गया है. न्यायालय ने मामले में मुख्य आरोपी जिला पंचायत उपाध्यक्ष विक्रांत सिंह व अन्य 9 आरोपियों के विरूद्ध स्थाई वारंट जारी किया है. ज्ञात हो कि भाजपा नेताओं के विरूद्ध पॉलीटेक्रिक मामले में दो अलग-अलग मुकदमे कायम किये गये हैं जिसमें दूसरे मामले में प्रार्थी खैरागढ़ तहसीलदार प्रीतम साहू के आवेदन पर दर्ज अपराध क्र.495 जो कि पूर्व में जमानती अपराध की श्रेणी में था उसमें भी लोक संपत्ति निवारण अधिनियम 3, 1 की अजमानती धारा जोड़ दी गई है. पहले ही थाना प्रभारी रहे राजेश साहू के आवेदन पर अपराध क्र.494 में अजमानती धाराओं के तहत न्यायालय में अग्रिम जमानत की सुनवाई लंबित है. बताया जा रहा है कि मामले में हाई कोर्ट में अगली सुनवाई 7 फरवरी को होनी है वहीं न्यायालय द्वारा स्थाई वारंट जारी होने के बाद मामले में आरोपी भाजपा नेताओं पर अब गिरफ्तारी की तलवार लटक रही है. गौरतलब है कि पॉलिटेक्निक तोडफ़ोड़ मामले में भाजपा नेता विक्रांत सिंह सहित अन्य फरार आरोपियों को लेकर पहले ही पुलिस इन्हें फरार घोषित कर तहसीलदार से आरोपियों की चल-अचल संपत्ति का ब्यौरा मांग चुकी है. ज्ञात हो कि बीते 23 दिसंबर 2021 को शासकीय पॉलिटेक्निक परिसर में बनाये गये मतगणना स्थल में कुल 10 भाजपा नेताओं के विरूद्ध बलात प्रवेश करने सहित शासकीय संपत्ति को नुकसान, अश्लील गाली-गलौच सहित अन्य अपराधिक प्रकरण दर्ज किये गये हैं जिसके बाद से भाजपा नेता जमानत के लिये प्रयासरत थे लेकिन खैरागढ़ एडीजे कोर्ट से तीन आरोपियों की जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है वहीं हाई कोर्ट में जमानत को लेकर सुनवाई अभी चल रही है. बहरहाल खैरागढ़ टीआई नीलेश पांडेय ने बताया कि कोर्ट से स्थाई वारंट जारी हुआ है जिसे लेकर नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है वहीं दूसरी ओर भाजपा नेताओं की पैरवी कर रहे अधिवक्ता घम्मन साहू ने बताया कि पुलिस की कार्यवाही पूरी तरह छग सरकार के दबाव में की जा रही है, पुलिस ने गुपचुप तरीके से 21 जनवरी को फरारी में चलान प्रस्तुत किया जिसके बाद कोर्ट ने स्थाई वारंट जारी किया है. हम बचाव में विधिसम्मत अपना पक्ष रख रहे हैं.




