उपभोक्ताओं को चेतावनी
बेवकूफ जिंदा है तो पढ़े लिखे लोग भूखे नहीं मरेंगे

सरायपाली से बजरंग लाल सेन ….. अंग्रेजों ने भारत में अपना अधिकार जमा लिया था। उसी प्रकार से ये परदेशी छत्तीसगढ़ में धीरे-धीरे अपना वर्चस्व स्थापित कर रहे है। समय रहते छत्तीसगढ़ियाओं को ऐसे परदेशियों के ऊपर नज़र रखनी चाहिए। क्योंकि ये सफेद पोशाक परदेशिया ड़केत लोग जिस प्रकार से बेशरम का पेड़ उगता है। उसी प्रकार से ये परदेशिया लोग भी छत्तीसगढ़ में फैल रहे है और लोगो को बेवकूफ बनाने के लिए बड़ी-बड़ी दुकान खोलकर छत्तीसगढ़ियों के जेब मे डाका दाल रहे है। उपभोक्ता यह न समझे कि इन बाजार, मॉल में समान सस्ते मिलते है। बल्कि सबसे घटिया, सबसे रदी और सबसे हल्का समान इन्ही बाजार, मॉल में मिलते है। जहां बाजार से कई गुना अधिक मूल्य इन मॉल और बाजार में रहते है। इन मॉल और बाजार के संचालकों के द्वारा ग्राहक को अपनी ओर खिंचने के लिए बड़े-बड़े विज्ञापनों का सहारा लेकर प्रचार और प्रसार के द्वारा अपनी दुकानों पर ग्राहकों को लॉलीपाप देंकर बुलाते है। जहाँ ग्राहक इनके साज-सज्जा को देखर फस जाते है। और ये सफेद पोशाक परदेशिया डकेत उन ग्राहकों को मन माना रेट में समान बिक्री करते है। ऐसे मॉल और मार्केटो में पति को कभी भी अपनी पत्नी के साथ नहीं जाना चाहिए। क्योंकि पत्नी जो भी समान खरीदेगी उसमे शर्म के मारे पति मोल-भाव भी नहीं कर पाते। जिसका भी फायदा ये दुकानदार बड़े जोरो से उठाते है। ग्राहक खुद अंदाज़ा लगा सकता है कि जिस मॉल और मार्केट में 100-100 मजदूर काम करते हैं, जहाँ कई ऐ सी, पंखा लगे हुए है, बड़े-बड़े शीशे का शोरूम है ऐसे स्थानों के मालिक क्या अपने घर का धान बेचकर कम मूल्य में समान बेचेगा क्या? जो समान बाजार में 50/- में बिकता है, उसी समान का रेट ऐसे मॉल और मार्ककेट में कई गुना अधिक में बेचा जाता है और सबसे घटिया किस्म के समान भी ऐसे स्थानों में विक्रय किया जाता है। इस करके जागो उपभोक्ताओं जागो छत्तीसगढ़ के लोगों को चाहिए कि ऐसे दुकानदारों से किसी भी प्रकार का लेन-देन नही करते हुए उन्ही छोटे दुकानदारों से लेन-देन किया जाए जहाँ से आप और आपका परिवार लेन-देन करते हुए आ रहे है। क्योंकि नया 9 दिन पुराना 100 दिन ऐसे बड़े-बड़े बाजार और मॉल में आप से समान का अधिक पैसा लेने के बाद भी 5 रुपए की उधारी नहीं करेगा। और जो छोटा दुकानदार से लेन-देन कर रहे है, वही आपको 5 रुपए कम में समान देकर हज़ारों रुपए की बकाया राशि उधारी भी दे सकता है। जैसे आप लेन-देन करते आ रहे है, उसी प्रकार से अपनी नज़दीकी दुकान से लेन-देन करते रहिए। फैशन की दुनिया के पीछे भागने पर अच्छा नहीं घटिया समान हाथ मे आते। ऐसे मॉल और मार्केट में मिलता है। जहाँ लोगो को सतर्ग व सावधान रहने की आवश्यकता है। वैसे भी छोटे दुकानदार अपनी ग्राहक के उपर में आश लगाकर बैठते है, कि हमारा परमानेंट ग्राहक है जो हमशे हमेशा लेन-देन करता है। क्या छत्तीसगढ़ में परदेश से आकर छत्तीसगढ़ियों को सस्ता समान देगा या छत्तीसगढ़ियों से कमाने के लिए आया है? इसका अंदाज़ा आप पहले स्वंय लगाए और उसके बाद ही ऐसे लुटेरों के पास जाए।



