छत्तीसगढ़ में अब चौथा ‘टाइगर रिजर्व’, NTCA ने दी अनुमति, अधिसूचना जल्द

रायपुर 04 सितंबर 2021. छत्तीसगढ में चौथे बाघ अभयारण्य का रास्ता अब साफ हो गया है। नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी (NTCA) की तकनीकी समिति ने गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व को मंजूरी दे दी है। जल्दी ही इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी। बाघों के संरक्षण के लिए कोरिया जिले में स्थित गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान को टाइगर रिजर्व बनाने के प्रयास पिछले सात साल से चल रहे हैं।सरकार ने 2019 में इसका प्रस्ताव पारित किया। लेकिन, इसका स्पष्ट खाका तब भी तैयार नहीं था। इस साल 21 जून को हुई राज्य वन्य जीव बोर्ड की बैठक में गुरु घासीदास टाइगर रिजर्व का पूरा क्षेत्रफल और नक्शा पेश किया गया। इसका क्षेत्रफल 2 हजार 829 वर्ग किलोमीटर तय किया गया है। इसके कोर एरिया में 2 हजार 49 वर्ग किलोमीटर तथा बफर एरिया में 780 वर्ग किलोमीटर का जंगल होगा। बोर्ड की मंजूरी के बाद वन विभाग ने यह प्रस्ताव NTCA को भेज दिया। अब NTCA की तकनीकी समिति ने परीक्षण के बाद इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी है। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, एक अधिसूचना के बाद टाइगर रिजर्व अस्तित्व में आ जाएगा।
छत्तीसगढ़ में पहले से तीन टाइगर रिजर्व
छत्तीसगढ़ में अभी तक तीन टाइगर रिजर्व हैं। इनमें उदंती सीतानदी टाइगर रिजर्व, गरियाबंद, इंद्रावती टाइगर रिजर्व, दंतेवाड़ा और अचानकमार टाइगर रिजर्व, मुंगेली शामिल हैं। पिछली सरकार ने कवर्धा के भोरमदेव अभयारण्य को टाइगर रिजर्व बनाने का प्रस्ताव बनाया था, जिसका स्थानीय स्तर पर भारी विरोध था। सरकार ने 2019 में उस प्रस्ताव को ही खारिज कर दिया।
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