वहां वो नक्सली, यहां ये नक्सलीचुनौती वहां भी, चुनोती यहां भी …..


सरायपाली- सबसे प्रथम अनुविभागीय अधिकारी श्री अमृत खलको 20/11/1997 से 04/03/2002 तक अनुविभागीय अधिकारी सरायपाली रहे है। जिनका नाम लोग बहुत बड़े भ्रष्टाचारी के रुप मे जानते है। तबसे से लेकर आज तक 36 अनुविभागीय पदस्थ हुए है। जिनमें 29 एस.डी.एम. तो शासन, नेताओं के बंधुवा मजदूरों की तरह काम करते थे। क्षेत्र को एक नई उमीद की किरण तब दिखी जब दिनांक- 02/09/2011 को सुश्री प्रियंका शुक्ला सरायपाली पहली आई.ए.एस. पदस्थ हुई थी। इन्होंने सोए हुए क्षेत्र के लोगों को जगाकर बताया कि कानून भी कोई कानून है। जिसके बाद श्री दीपक सोनी, सुश्री स्वाति श्रीवास्तव, श्री गौरव सिंह, श्रीमती नूपुर राशि पन्ना, श्री विनय कुमार लंगेह, श्री कुणाल दुदावत, जिसके बाद इस नगर क्षेत्र को आठवां आई.ए.एस. अनुविभागीय अधिकारी सुश्री नम्रता जैन ने कार्यभाल संभाला है। जो दंतेवाड़ा क्षेत्र की है। जो शायद इस क्षेत्र में रह रहे सफेद पोशाक नक्सलियों से लड़ सकती है? क्योंकि सुश्री जैन के द्वारा दिन गुरुवार को जिस वक्त पद ग्रहण किया गया है, उस मुहूर्त से उनके भाग्य बहुत उज्वल संकेत दे रहे है। जिस प्रकार से पूर्व दबंग अनुविभागीय अधिकारी श्री कुणाल दुदावत जिनके नाम से नेता, भूमाफिया, अवैध कार्य करने वाले, क्षेत्र के सफेद पोशाक नक्सली, अपराध करने वाले, अवैध शराब, गांजा, नसिली दबाई बेचने वाले, सट्टा, जुवा खेलने वाले और तो और इनके नाम से भूमाफियाओं के तो रोंगटे खड़े हो जाते थे। अपराधी इनकी परछाई से दूर रहते थे। इन्होंने सरपंच, सचिवों के द्वारा विकास कार्य के राशि को अपने विकासों में लगाकर शासन की योजना की राशि का गबन करने वाले सरपंच, सचिवों से इतनी राशि वापस ली कि वह पूरे प्रदेश में उतनी राशि की वसूली कम समय मे किसी एस.डी.एम. ने नही किया होगा। उसी प्रकार क्षेत्र में बढ़ते कोरोना के प्रभाव को बिना किसी साधन के लोगों को कोरोना से सुरक्षित रखा। श्री दुदावत के कार्यकाल में अधिकारी, कर्मचारी समय पे कार्यालयों में मिलते थे। कोरोना काल और समय की कमी के कारण इन्होंने जितने भी नगर के भूमाफियाओं को चिनहांकृत किया था। केवल इनके कार्यवाही से बच गए, नही तो वह लोग भी सरपंच, सचिवों की तरह जेल यात्रा कर चुके होते। वर्तमान अनुविभागीय अधिकारी सुश्री नम्रता जैन जो नक्सली क्षेत्र से आकर पदस्थ हुई है, वो भला इस क्षेत्र के लोगों को सफेद पोशाक नक्सलियों से बचा सकती है क्या? वैसे भी सुश्री जैन में एक जूनून नज़र आ रहा है। जिनका ध्यान क्षेत्र में स्कूल, हस्पताल, पंचायतो में विकास कार्य, पेयजल की व्यवस्था, किशानों की समस्या, लोगो की सुरक्षा, गरीबों तक शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ दिलाने की ओर के साथ ही अधिक से अधिक विकास कार्य करवाने की योजना को पूरा करने में रुचि रखती है। जिसमें सुश्री जैन में नारी शक्ति का एहसास हो रहा है। क्योंकि सुश्री जैन के पदस्थ होते ही जिस प्रकार से लोगों को जो मुआएजा प्रकरण की राशि प्राप्त नहीं हो रही थी। जिसका भुगतान प्रारंभ हो चुका है। किशानों के चेहरे में मुस्कान देखने को मिल रही है। उसी प्रकार से कोटवारों में भी उमीद जागी है, कि ऐसे आई.ए.एस. अधिकारी के आने पर शायद उनके कोटवारी भूमि भी वापसी की कार्यवाही हो सकती है। जो अटल नगर क्रमांक एफ 10/11/2020 दिनांक- 27/02/2021 द्वारा कोटवारों की वर्ष 1950 के पूर्व माल गुजार/प्रोपराइटर द्वारा दी गई भूमि के संदर्भ समसांख्य पत्र दिनांक- 10/03/14 जिसमें क्षेत्र के लोग राजस्व अधिकारियों से मिलकर कोटवारों की भूमि फर्जीवाड़ा से अवैध खरीदी बिक्री किया है। वैसे भूमि अब उन कोटवारों के परिवार को शायद वापसी मिल सकती है। जो सफेद पोशाक नक्सलियों के कब्जे में है। नगर के लोगों को अब उमीद दिख रही है, कि इन सफेद पोशाक नक्सलियों ने जितने स्कूल, होस्टल, कांजी हाउस, डाबरी, तालाब, हॉस्पिटल, नर्स क्वाटर, गौसाला, जैसे भवन शासकीय भूमि पर बने थे (पुराने)। जिसे इन लोगों ने अतिक्रमण कर रखा है। इन सफेद पोशाक नक्सलियों ने मंदिरों की संपत्ति पर भी एका अधिकार किया है। ये वो सफेद पोशाक वाले नक्सली है जो गौठान, गौचर, रास्ता, मेड, छोटी झाड़ी, चट्टान, जलचर, स्कूल की नाम की भूमि, पानी के निचे की भूमि, कब्रिस्तान जैसे अन्य मद की शासकीय भूमि पर भी अपना दबदबा बनाकर अतिक्रमण किये हुए है। इन नक्सलियों को ऐसे भूमि में अवैध निर्माण करने के लिए बकायदा नगरपालिका द्वारा फर्जी हक हस्तांतरण के साथ ही इन लोगों को अवैध भवन निर्माण अनुमति भी दिया जाता है। जिसमे ऐसे कई भवन नगर में बने है। जो 3,4,5,6,7 मंजिल की अनुमति इन्हीं नगरपालिका ने दिया है। चाहे वह भूमि किसानों की हो, बंधक भूमि हो या शासन की हो। ये केवल ऐसे प्रभावशाली लोगों को अतिक्रमण करने की अनुमति देते है। जिसका प्रमाण नगरपालिका के हक हस्तांतरण सूची और भवन निर्माण की जांच से एक बहुत बड़ा सफेद पोशाक नक्सली भूमाफियाओं का गिरोह पकड़ा सकता है। इस कर के हम आपको आगाह कर रहे है कि वहां वो नक्सली है यहां ये नक्सली है। चुनोती वहां भी देखे है तो चुनोती यहां भी है।
चिराग की चिंगारी बजरंग लाल सेन की रिपोर्ट……




