रूदगांव सरपंच टीकाराम सोनकर की दादागिरी

🔥कार्यवाही हेतु कलेक्टर को सौंपा गया ज्ञापन🔥
👉राजनांदगांव.मामला डोंगरगांव जनपद पंचायत का है सूचना के अधिकार का जनपद पंचायत डोंगरगांव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को नहीं मालूम सूचना के अधिकार में स्थल निरीक्षण कर सकते हैं
सरपंच ने आरटीआईकार्यकर्ताओं को अपना मोबाईल, पेन, डायरी, पर्स, ग्राम पंचायत में जमा करेंगे तब होगा स्थल निरीक्षण राजनांदगांव जिले में प्रशासनिक लचरता देखने को हर जगह हर विभाग में मिल जायेगा। कायदा-कानून के निर्वाचित जनप्रतिनिधिगण जमकर दुरूपयोग कर रहे हैं और अपने आपको सर्वेसर्वा मानकर मनमर्जी से शासन-प्रशासन को आंखें तरेंर रहे हैं। मामला चाहे उनके क्षेत्र का या उनके निर्वाचित पद का। बने तो सरपंच हैं लेकिन पंचायती राज का ऐसा खेल खेल रहे हैं मानो राजा महाराजा, जमींदार के जमाने में जी रहे हों। जी हां पूरा मामला पंचायती राज के क्रियाकलापों व वहां पर राज कर रहे बाहुबली नेताओं की हैं लेकिन उन्हें नहीं मालूम की कि कहां पर किससे कैसे कार्य लेना है या उसे किस रूप में सम्मान देना है जनता के चुने हुए ऐसे ही एक निर्वाचित नेता कम दादा ज्यादा है और हमेशा अपनी ताकत व भुजा फड़काते रहते हैं। उसी जगह पर जहां पर उन्हें आम लोग अपनी मुखिया बनाकर गांव के मान-सम्मान को बनाये रखना इनका प्रथम दायित्व है लेकिन यह महाशय सरपंच ग्राम पंचायत रूदगांव जनपद पंचायत डोंगरगांव के माननीय टीकाराम सोनकर की प्रशासनिक कार्यवाही में दखलनांदाजी करते हुए बाधा पहुंचाते हुए उलझ गये एक महिला आर टी आई कार्यकर्ता शमशाद बानो से मामला सूचना के अधिकार 2005 के तहत शुल्क जमा कर ग्राम पंचायत में आवेदन दिया गया था कि पंचायत में बने गौठान स्थल का निरीक्षण करवाने की विधिसम्मत आवेदन व प्रक्रिया पूर्ण किया गया था। ग्राम पंचायत रूदगांव के जनसूचना अधिकारी ने आवेदन पर कार्यवाही करते हुए आवेदक शमशाद बानो को सूचनार्थ पत्र के माध्यम से जारी करते हुए दिनांक 26.09.2022 दिन सोमवार को ग्राम पंचायत भवन में उपस्थित होकर गौठान स्थल निरीक्षण करने लिखा गया। उपरोक्त पत्रानुसार जब आवेदक व साथी ग्राम पंचायत रूदगांव में पंचायत भवन पहुंचे तो उनके साथ सरपंच की दादागिरीपूर्वक बातचीत व घटनाचक्र इस प्रकार सरकारी कार्यालय में बुलाकर अंजाम दिया गया। मेरे द्वारा ग्राम पंचायत रूदगांव, जनपद पंचायत डोंगरगांव, जिला- राजनांदगांव में सूचना के अधिकार 2005 के तहत दिनांक 07.09.2022 को सूचना के अधिकार के अधिनियम 2005 की धारा 2 (जे) – 1 के तहत आवेदन शुल्क सहित जमा किया गया था।
उपरोक्त पत्र के संदर्भ में ग्राम पंचायत रूदगांव के जनसूचना अधिकारी द्वारा दिनांक 19.09.2022 को सूचनार्थ पत्र जारी किया गया जिसमें आवेदन शुल्क 10 रू. का रसीद नहीं भेजा गया। उक्त पत्र में मुझे स्थल निरीक्षण करने हेतु 26.09.2022 दिन सोमवार को ग्राम पंचायत भवन में उपस्थित होने कहा गया।
ज्ञात हो कि जनसूचना अधिकारी द्वारा प्राप्त सूचना पत्र अनुसार मैंने अपने एक साथी के साथ उक्त तारीख एवं समय पर पंचायत भवन में पहुंचा तो ग्राम पंचायत में गौठान समिति का बैठक चल रहा था जिसमें सरपंच, सचिव व गौठान समिति के सभी सदस्यगण उपस्थित थे। उक्त बैठक के समापन बाद ग्राम पंचायत के सरपंच टीकाराम सोनकर द्वारा सचिव व जनसूचना अधिकारी ने अंदर जाकर पहले चर्चा की गई फिर सभाहाल में सरपंच व जनसूचना अधिकारी साथ-साथ बैठकर सूचना के अधिकार अधिनियम विरूद्ध बातचीत शुरू करते हुए अनैतिक तरीके से कहा गया कि आप लोग गौठान स्थल निरीक्षण में जाने से पहले अपना सभी सामान मोबाईल, पेन, डायरी, पर्स आदि सामान को ग्राम पंचायत में जमा करने के बाद ही आपको अपने साथ गौठान स्थल निरीक्षण में चलने हेतु दबावपूर्वक हस्तक्षेप किया गया। उक्त सरपंच के क्रियाकलाप को जनसूचना अधिकार खामोशी से बैठकर देख-सुन रहे थे। सरपंच के इस प्रकार सूचना के अधिकार की जानकारी प्रक्रिया में हस्तक्षेप के बाद जब हमने आपत्ति किया तो उलजलूल बात व दादागिरीपूर्वक थाना चलने व रिपोर्ट लिखाने जैसे धमकी सरपंच टीकाराम सोनकर द्वारा लगातार दिया जा रहा था। इसके साथ ही जनसूचना अधिकारी व ग्राम पंचायत सचिव को सख्त निर्देश देते हुए कहा गया कि जब तक इन लोगों का मोबाईल, पेन, डायरी, पर्स आदि ग्राम पंचायत में जमा नहीं होगा तब तक स्थल निरीक्षण नहीं कराया जायेगा। ऐसा कहकर हमें बेवजह लगभग 2 घंटे सरपंच के द्वारा परेशान किया। और हमें एक प्रकार से ग्राम पंचायत में बंधक बनाकर रखने जैसा कृत्य किया गया। सरपंच से बार-बार निवेदन किया गया कि मामला सूचना के अधिकार से संबंधित है तो फिर भी वो अपनी सरपंची झाड़ते हुए अपना अधिकार नियम विरूद्ध जताने लगा और थाना चलने और ले जाने की बात करते हुए दादागिरी धमकी देने लगा। तत्पश्चात हमनें जनपद पंचायत डोंगरगांव के मुख्य कार्यपालन अधिकारी से मोबाईल फोन के माध्यम से बात कर जानकारी दिया लेकिन उचित व सार्थक जवाब नहीं मिलने पर मैंने ग्राम पंचायत से निकलकर जनपद पंचायत डोंगरगांव पहुंचकर तत्काल ग्राम पंचायत में हुए सरपंच के अभद्र व्यवहार व सूचना के अधिकार में हस्तक्षेप करने के संबंध में शिकायत पत्र बनाकर जमा किया। (समस्त दस्तावेज आपके अवलोकन हेतु शिकायत पत्र के साथ संलग्न है।)
अत: महोदय से निवेदन है कि गौठान स्थल निरीक्षण करने हेतु सरपंच द्वारा हमें अपने निजी एवं आवश्यक सामान (मोबाईल, पेन, डायरी, पर्स) जमा करने हेतु सूचना के अधिकार अधिनियम में बेवजह हस्तक्षेप करते हुए दादागिरी धमकी थाना चलने जैसी बातें करते हुए स्थल निरीक्षण से बैरंग लौटा दिया गया।
उपरोक्त सरपंच के कृत्य हेतु टीकाराम सोनकर सरपंच ग्राम पंचायत रूदगांव एवं जनसूचना अधिकारी के ऊपर सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत उचित दंडात्मक कार्यवाही किया जाये।👇
📞देवेन्द्र कुमार की रिपोर्ट✒




