यह अतिक्रमण कब हटाओगे तहसीलदार साहब जी?या रसूखदारों के सामने बौने नजर आओगे….



सरायपाली- वार्ड क्रमांक 10 महारानी लक्ष्मीबाई जो मुख्य मार्ग से लगा हुआ है। इस वार्ड में पी.डब्लू.डी. आफिस से लगा हुआ एक गली खसरा नंबर 771 रकबा 0.061 है। भूमि राजस्व अभिलेख में रास्ता दर्ज है। जो सामने के भाग 35 फिट और पीछे 36 फिट चौड़ा रास्ता है और वर्तमान में इसकी चौड़ाई मात्र 6 फिट बचा हुआ है। इस गली में अधिकांश भाग पर लोग अतिक्रमण किये हुए है। इसकी शिकायत वार्ड के एक जनसेवक ने दिनांक- 13/09/96 को नगरपंचायत को लिखित शिकायत किया गया था। जिस पर कोई कार्यवाही नही होने पर इसकी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को शिकायत करने पर अनुविभागीय अधिकारी ने इसकी जांच कार्यवाही हेतु दिनांक- 14/12/2000 का आदेश दिया है। जिस पर तहसीलदार ने राजस्व मामला क्रमांक 3565 ब 121 वर्ष 2000-2001 दर्ज कर मामला जांच हेतु लिया और हल्का पटवारी को आदेश दिया था। जिसमे हल्का पटवारी ने अतिक्रमणकरियो के प्रभाव में आकर उनके बताए अनुसार सभी अतिक्रमणकारियो को बचाकर उनके बताए अनुसार सभी अतिक्रमणकारियो को बचाकर अपने मन मुताबिक प्रतिवेदन दिया है। जिस पर अधिकारी संतुष्ट नही होने के कारण मामला का निराकरण नही किया और नगरपालिका एवं लोक निर्माण विभाग को कई बार ज्ञापन दिए जाने के बाद भी इन विभागों ने अतिक्रमण के कार्यवाही पर अतिक्रमणकारियों के प्रभाव के कारण आज तक राजस्व विभाग को कोई सहयोग नही किया है। जिस मामले की फ़ाइल धूल के परतों में दबी हई है। जब की शिकायतकर्ता तब से लेकर आज तक तहसील न्यायालय का चक्कर लगाकर न जाने कितने जोड़ी चप्पल घसा चुका है। लेकिन राजस्व विभाग आज तक गली में किये गए प्रभावशाली लोगों से गली पर किये गए अतिक्रमण को नही हटा पा रहे है। अगर इसी प्रकार का अतिक्रमण कोई गरीब व्यक्ति के द्वारा किया होता तो वह शायद जेल के शलाखों के पीछे दिन काटता रह सकता था। लेकिन यह अतिक्रमण प्रभावशाली का है, जिसके सामने राजस्व विभाग भी बोना नज़र आ रहे है। इसी कारण आज 25 वर्षो से एक गली का अतिक्रमण राजस्व विभाग नही हटा पा रहे है। जिस कारण आज भी उस गली के भूमि पर बड़े-बड़े निर्माण कार्य बिना किसी अनुमति के अतिक्रमणकारी कर रहे है। अगर राजस्व अधिकारी इस गली का अतिक्रमण हटाना चाहते तो कोई पहाड़ की खुदाई का कार्य नही है। केवल गली से लगे लगानी भूमि का सीमांकन कर के उक्त भूमि को छोड़कर उससे लगी खसरा नंबर 771 गली है और गली से लगा हुआ भूमि खसरा नंबर 777 आबादी शासकीय भूमि है। यह सब जानकर भी राजस्व विभाग आज तक जान बूझकर कोई कार्यवाही नही कर रही है। वर्तमान तहसीलदार के कार्यकाल मे एक-दो बार शिकायतकर्ता पेशी में उपस्थित हुए उसके बाद मामला पूर्व भी भाती फिर ठंडे बस्ते में चला गया है। उस मामला को अतिक्रमणकारियों के इशारे पर ही दबा दिया जाता है, एक सडयंत्र के तहत। अगर ऐसा नहीं है, तो तहसीलदार जी बताओ कि इस गली का अतिक्रमण हटाने में और कितने वर्ष लग जाएंगे?
चिराग की चिंगारी बजरंग लाल सेन की रिपोर्ट….




