अवैध रूप से दुकान की चाबी देने वाले अध्यक्ष व सीएमओ पर प्रशासन करने वाली है कार्यवाही,?

उत्तम देवांगन की रिपोर्ट
दुकान का अवैध निर्माण कराने वाले अधिकारी व जिम्मेदारो से होगी करोड़ों की वसूली,
छुरिया – नगर पंचायत छुरिया की बहुचर्चित व्यवसायिक परिसर निर्माण की कहानी भी शुरू से ही विवादास्पद है, जिसे समझना भी जरूरी है नगरीय प्रशासन मंत्री शिव डहरिया द्वारा परिसर निर्माण हेतु 49 लाख मंजूर किए गए इसके अतिरिक्त स्टेट बैंक छुरिया से नगर पंचायत द्वारा 49 लाख रुपए कर्ज लेकर 100 दुकानों का निर्माण की पटकथा लिखी गई,?
किसी भी प्रोजेक्ट के पहले स्थल चयन किया जाता एवं उसकी उपयोगिता की सर्वे रिपोर्ट शासन प्रशासन को देनी होती है, लेकिन नगर पंचायत छुरिया के द्वारा इस मापदंडों को दरकिनार कर किसी भी प्रकार की कोई सहमति संबंधित विभागों से नहीं ली गई, नगर पंचायत छुरिया ने 100 दुकान का निर्माण सड़क मद (पीडब्ल्यूडी) की आरक्षित भूमि पर बगैर शासकीय सहमति लिए आनन-फानन में दुकान निर्माण प्रारंभ कराने हेतु टेंडर पास कर ठेकेदार को लेआउट दे दिया गया, मजे की बात यह है कि निर्माण हेतु पास किए गए नक्शे के आधार पर यह निर्माण नियम विपरीत किया गया है,?
100 दुकान बनाने के लिए बनाए गए स्टीमेट में दुकानों के सामने 5 फीट सज्जा बनाने का नक्शा एस्टीमेट पास किया गया था, मगर दुकान निर्माण के समय बनाए गए सज्जे को महज एक से सवा फीट ही पूरे 100 दुकानों में बनाया गया, इस लिहाज से पूरे 100 दुकानों का लगभग 4 हजार वर्ग फुट सज्जा का निर्माण नहीं कर भ्रष्टाचार और कमीशन खोरी का नायाब उदाहरण नगर पंचायत छुरिया द्वारा पेश किया गया, अब 4 हजार वर्ग फुट सज्जा लेंटर में कितने लाख का फर्जीवाड़ा किया गया, और इस निर्माण समिति में कौन-कौन लोग या पीआईसी मेंबर्स शामिल थे एवं लेंटर सज्जा में किए गए भ्रष्टाचार की रकम किसकी जेब में गया अभी भी जांच का विषय है,?
स्मरण रहे इसमें इंजीनियर और सीएमओ की सहभागिता भी होगी, इस प्रकार करोड़ों के इस परिसर निर्माण में जनता तथा शासन की आंख में धूल झोंक कर लगभग 8 से 10 लाख रु. 5 फीट के सज्जा को महज एक से सवा फीट निर्माण कर घपले की प्रमाणित जानकारी सामने आ रही है, सज्जा मे काट छांट की जानकारी नगर पंचायत ने शासन प्रशासन को कभी नहीं दी,
इस प्रकार व्यवसायिक परिसर शुरुआत से ही भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ते आ रहा है,?
अब बात करें पीडब्ल्यूडी की जगह पर बने परिसर की तो नगर पंचायत ने जायज ठहराने की कोशिश और इसमें शासन के तरफ से जमीन एलाट से इन्कार के बाद इन दुकानों से अवैध रूप से रकम उगाही हेतु एक अपराधिक षड्यंत्र रच कर पीआईसी बैठक बुलाकर दुकानों को आबंटित करने के नाम पर प्रस्ताव पास किया, फिर अवैध आबंटन को जायज ठहराने की कोशिश कर आबंटन को अमलीजामा पहनाने की कोशिश भी की गई है,?
जबकि अध्यक्ष पीआईसी मेंबरो एवं सीएमओ सभी को मालूम था कि उक्त परिसर निर्माण पीडब्ल्यूडी की जगह पर शासन प्रशासन के बिना किसी मंजूरी के आ जाने के कारण अवैध निर्माण की श्रेणी में आ गया है, इसके बाद भी पचासो दुकानदारों से 1 से 3 लाख रु. बगैर किसी वैध दस्तावेज बगैर एग्रीमेंट या कोई रसीद दिए बिना यहां तक कि दुकानदारों को दुकानों की चाबी में नंबर अंकित कर करोड़ों रुपए इकट्ठा करने का नया उदाहरण पेश करते हुए सीधे चाबी सौंप दी गई,?
साथ ही कई लोगो को तो 3–3 लाख रु. लेकर लगातार एक व्यक्ति को क्रम में दो–दो दुकाने दे दी गई, चूंकि आबंटन मात्र रुपए उगाही के लिए किया गया था इसलिए नगर पंचायत के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है, सूचना पटल पर भी 49 को छोड़कर बाकी दुकानदारो की सूची चस्पा भी नही किया गया, जिस जमीन पर परिसर बना है उसका मालिकाना हक नगर पंचायत के पास नहीं होने के बाद भी षड्यंत्र रच कर अपराधिक कृत्य करते हुए अध्यक्ष एवं सीएमओ द्वारा अवैध आबंटन किया गया, वह चार सौ बीसी व फर्जीवाड़ा ही कहलाएगा,?
ऐसे अपराधिक कृत्य प्रकरण को अंजाम देने वाले लोगों पर नगर की जनता एकजुट होकर सरकार से मांग कर रही है कि ऐसे लोगो पर पुलिस में चार सौ बीसी का रिपोर्ट दर्ज हो,?
इस संपूर्ण घटनाक्रम की जानकारी जिला कलेक्टर एवं संबंधित पुलिस अधिकारीयो को भी पहुंचा दी गई है, जिसपर मामले पर तत्काल हस्तक्षेप कर उचित कार्यवाही करेंगे ऐसी अपेक्षा नगर की जनता केर रही है, जिससे कि स्थानीय जनता और दुकानदारों को जिस प्रकार जिसने ठगा है उसका असली चेहरा सामने आए, इन सब घटना क्रम से जनता हैरान व परेशान है,
वही जिले के माननीय जिलाधीश महोदय और एसपी जिन्होंने जनता की गाढ़ी कमाई का करोड़ों रुपए चिटफंड कंपनियों से वापस दिलाया ऐसे कर्मठ आफिसरो से मांग करती है कि छुरिया में दुकान देने के नाम पर किए गए अवैध कृत्य फर्जीवाड़ा चार सौ बीसी एवं साजिश का पर्दाफाश करके जिम्मेदारों को कड़ी सजा दिलाने हेतु उचित जांच कर शीघ्र कार्यवाही करें जनता के हित में सुबह का प्रहरी यह अपील करता है,?
बहरहाल इस मामले का शासन प्रशासन के संज्ञान में आ जाने से शासन प्रशासन भी जेम्मेदारो पर उचित कार्यवाही करने के फ़िराक में है,
मै तीन बार का पार्षद हू कांग्रेस पार्टी का सच्चा सिपाही हूँ, मुख्यमंत्री स्वालंबन योजन में अध्यक्ष व पीआई सी मेंबरों के द्वारा लेनदेन करके जो दुकानो को बाटा गया है, उस परिपेक्ष्य में मै मुख्यमंत्री जी से निवेदन करता हूँ, कि इसकी उच्च स्तरीय जाँच करा कर दोषियों के खिलाफ कार्यवाही करायें,
राधेश्याम ठाकुर – पार्षद नगर पंचायत छुरिया,
शासन प्रशासन द्वारा जो 100 दुकानों का निर्माण कराया गया है, जिसका आनन फानन में अवैध रूप से चाबी सौप दी गई है, जानकारी सामने आ रही है कि दुकानदारो से 1 से 3 लाख रुपये में बिक्री कर जिनकी दुकान प्रभावित नहीं थी उन्हें भी दुकान की चाबी सौप दी गई है, जिसका मेरे द्वारा एसडीएम कलेक्टर सीएम नगरीय प्रशासन मंत्री को कार्यवाही हेतु शिकायत किया है,
सलमान खान – उपाध्यक्ष नगर पंचायत छुरिया,


