सरायपाली नगरपालिका के काले करतूत उजागर….

नगरपालिका के काले करतूत


सरायपाली- नगर के वार्ड क्रमांक 7 संतोषी मंदिर के पास मनोज मित्तल पिता बनवारी लाल ने नगरपालिका सरायपाली में एक भवन निर्माण की अनुमति हेतु आवेदन दिया था। जिसमें खसरा नंबर 730-13, 730-24 और 730-34 जो राजेश मित्तल का बताया गया है। लेकिन राजेश मित्तल पिता काशीराम ने जो भूमि अपने नाम के दस्तावेज दिए हैं, वह फर्जी है। क्योंकि राजेश मित्तल ने दिनांक- 03/09/87 को अपने सगे मामा हुकम चंद पिता बलदेव दास से एक फर्जी रजिस्ट्री करवाई है। जिसमें खसरा नंबर 730-16 दर्ज है। वही इन्होंने एक आपसी बटवारा नामा भी दिया है। जिसमें सत्यनारायण पिता विशंभर अग्रवाल का रजिस्ट्री पेश है। जो उन्होंने 20/10/72 को खसरा नंबर 730 का टुकड़ा खरीदना बता रहे हैं। भवन निर्माण अनुमति में केवल मनोज मित्तल राजेश मित्तल ने 02/12/19 को एक सहमति पत्र भी दिया है। जिसमें उक्त भूमि पर 2 फ्लोर का भवन निर्माण होना बताया गया है।


जिस पर नगरपालिका ने दिनांक 15/04/19 को 11228 फिट पर भवन निर्माण की अनुमति स्वीकृति किया गया है। वही नगरपालिका ने मनोज मित्तल के नाम पर दिनांक- 12/05/2020 एक नवीनी करण अनुमति पुनः फर्जी प्रदान किया है। क्योंकि जिस अनुमति का नगरपालिका ने नवीनीकरण किया है, उसी भूमि का पूर्व में दिनांक 22/06/2000 को सत्यनारायण एवं राजेश मित्तल के नाम नवीनी करण किया गया था। नगरपालिका का ऐसा कौन सा कानून है जिसमें 20 वर्ष के बाद नवीनी करण होता है? क्या यह सब फर्जीवाड़ा है? नगरपालिका में मनोज मित्तल के भूमि संबंधित राजस्व अभिलेख नहीं है। वही नगरपालिका ने जो स्वीकृति प्रदान किया है। जबकि भवन निर्माण अनुमति जब तक नजूल अधिकारी अनाप्पति प्रमाण पत्र नहीं देता है, तब तक नगरपालिका को भवन निर्माण अनुमति देने का अधिकार ही नहीं है। वैसे भी नगरपालिका ने जो फर्जी स्वीकृति मनोज मित्तल को प्रदान किया है। जिसके कंडिका 11 में लिखा है कि भूमि संबंधित किसी भी प्रकार का विवाद न्यायालय प्रकरण की स्थिति में यह अनुज्ञा स्वयं निरस्त माना जाएगा। मनोज और राजेश मित्तल ने जो अनुमति लिया है, वह नगरपालिका को झूठ बोलकर, धोका धडी करते हुए, अंधेरे में रखकर लिया है। क्योंकि जिस भूमि का अनुमति लिया है उस समस्त भूमि का मामला आयुक्त न्यायालय, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में सन् 1998 से आज तक विचार घिन चल रहे हैं और वह भूमि बैंक में बंधक है। जिसकी जानकारी मनोज और राजेश ने छुपा कर अनुमति ली है। जो एक अपराध धोखा घड़ी शासन से किया है। मनोज मित्तल और राजेश मित्तल के द्वारा पूरे लॉकडाउन में बाहर से मजदूर लाकर दिन रात भवन निर्माण किया गया है। इन सब फर्जीवाड़ा की जांच के उपरांत पुलिस में एफ.आई.आर करने हेतु नगरपालिका को मूल भूमि स्वामी कृषक ने दिनांक 01/04/2021 में एक आवेदन दिया है। उसके उपरांत नगरपालिका मनोज मित्तल और राजेश मित्तल के प्रभाव के कारण दिए गए शिकायत पर आज तक कोई कार्यवाही नहीं कर रहे हैं। मनोज और राजेश मित्तल आज भी रात दिन 2 मंजिल के स्थान पर 4 मंजिल भवन निर्माण का काम चालू है। जिस कारण शिकायतकर्ता ने नगरपालिका के इस काले कारनामा की शिकायत अनुविभागीय अधिकारी सुश्री नम्रता जैन से 24/07/2021 को निवेदन किया है कि, क्षेत्र में चल रहे इस प्रकार से भूमाफियाओं के काले कारनामे करने वाले और उन्हें सहयोग करने वाले पर दंडात्मक कार्रवाई समस्त जांच उपरांत किया जाना उचित हो सकता है।
चिराग की चिंगारी बजरंग लाल सेन की रिपोर्ट….




