“छ.ग. की वन संपदा रो कर कह रही अपनी कहानी”


“कटघोरा वन मंडल की घोर लापरवाही”
छ.ग. के गर्भ गृह में बसे कटघोरा वन मंडल के अंतर्गत चैतमा रेंज के ग्राम राहा एवं चोरकाडांड के वनांचल इलाके में लगे पेड़ों को नुकसान पहुंचाने के उद्देश्य जड़ के पास से आधा अधूरा काट कर छोड़ा गया है जो आने वाले समय में सुख कर टूट जाएगा।

इस अधूरे कटे हुए पेड़ों पर रेंज के अंतर्गत पदस्थ लक्ष्मी यादव बीड गार्ड, बृजनंदन प्रसाद फॉरेस्टर व रेंजर सुशील कौशिक की निगाहें नहीं गई ना ही इनके द्वारा नुकसान पहुंचाने वाले लोगों पर कार्यवाही की गई।


शासन लाखों करोड़ों खर्च कर वनांचल इलाके में प्लांटेशन कर पेड़ तैयार करते हैं उनकी देखरेख करने के लिए फॉरेस्ट गार्ड से लेकर रेंजर तक पदस्थ कर रखते हैं लेकिन इनकी घोर लापरवाही का नतीजा है कि शासन की करोड़ों राशि के वृक्षारोपण को नुकसान पहुंचाया जा रहा है


वृक्षारोपण को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के विरुद्ध व शासन के इन कर्मचारियों के विरुद्ध दंण्डनात्मक कार्यवाही की जानी चाहिए ताकि ऐसी हरकतों पर लगाम लगाया जा सके।


शासन के द्वारा साल वृक्ष का पौधा रोपण किया गया है जो कि राष्ट्रीय कृत पौधा है इनका देखभाल किया जाना नितांत आवश्यक है


इस प्रकार की घोर लापरवाही से ऐसा प्रतीत होता है की इन कर्मचारी की भी उक्त क्रियाकलाप पर मिलीभगत है। तत्काल कार्यवाही करने से अन्य रेंज पर भी लगाम कसी जा सकती है।


कोरबा से हमारे संवाददाता की रिपोर्ट****




