शासकीय भूमि पर हो रहे अतिक्रमण, अवैध खरीदी बिक्री का कार्य रुकने का नाम नहीं ले रही है।



सरायपाली राजस्व अधिकारियों को शिकायत पर शिकायत करने के बाद भी इन अधिकारियों के द्वारा शासकीय भूमि की रक्षा किसी प्रकार से नहीं किया जा रहा है। जिस कारण इस प्रकार की शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के साथ ही अवैध खरीदी बिक्री बड़े जोरों से चल रही है। ऐसा नहीं कि ऐसे शासकीय भूमि की खरीदी बिक्री केवल भूमाफिया ही कर रहे हैं, ऐसे सरकारी भूमियों को खरीदी बिक्री करने के लिए तहसीलदार और पटवारी शामिल रहते हैं। जिस कारण ही ऐसे सरकारी भूमि का पंजीयन पंजीयन कार्यालय में खुलेआम किया जाता है। जिसका नामांतरण हक हस्तांतरण राजस्व विभाग नहीं नगर पालिका ने हक हस्तांतरण का ठेका लेकर बैठे हैं। ऐसा ही एक मामला वर्तमान में देखने को मिल रहा है। खसरा नंबर 727, 1,2,3,4,5 जो राजस्व अभिलेखों में शासकीय भूमि दर्ज है। उसे कुछ लोग आपसी लिखा पढ़ी लेनदेन करके उक्त भूमिका हक हस्तांतरण नगरपालिका से कराया जा रहा है। उसी प्रकार से खसरा नंबर 65 जो राजस्व अभिलेख में घास भूमि दर्ज है, जिसका भी हक हस्तांतरण नगरपालिका बिना राजस्व अधिकारी के जानकारी के हक हस्तांतरण नगर पालिका कर रही है। जबकि ऐसे भूमियों का हस्तांतरण करने का अधिकार ही नगरपालिका को नहीं है। यदि कोई भी उच्च सक्षम अधिकारी ऐसे हक हस्तांतरण की जांच करती है, तो एक बहुत बड़ा मामला सामने आ सकता है। इस प्रकार के शासकीय भूमि का हक हस्तांतरण का खेल नगरपालिका में कई वर्षों से चला आ रहा है। इन्हीं के कारण नगर में दिनोंदिन शासकीय भूमि पर अतिक्रमण हो रहा है। इसी प्रकार से हाई स्कूल की भूमि पर बोर्डिंग हाउस, हॉस्टल, कांजी हाउस, स्कूल की भूमियों पर भी बड़े जोरो से भूमाफिया अतिक्रमण किए हुए है। जिसकी भूमि की भी लोग अवैध रूप से खरीदी बिक्री करके इसका भी हस्तांतरण नगरपालिका से करवाए हुए हैं। जबकि ऐसे शासकीय भूमि की रक्षा करने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों को सुरक्षा करनी चाहिए। लेकिन ऐसे अधिकारियों के कारण ही इस प्रकार की शासकीय भूमि पर दिनोंदिन बड़े जोरों से अतिक्रमण हो रहा है। क्या केवल राजस्व विभाग के द्वारा जिस प्रकार से गरीबों के झोपड़ी को बुलडोजर से तोड़ा जाता है? उसी प्रकार से भूमाफियाओं के द्वारा किए गए पक्के अतिक्रमण को बुलडोजर से क्या राजस्व विभाग तोड़ सकते हैं? या ऐसे भूमाफियाओं को हमेशा संरक्षण मिलता रहेगा?
नीचे खसरा नक्शा शासकीय भूमि का देख लीजिए। क्या यह इनकी पुरखों की लगानी भूमि है या शासकीय मद में शासकीय भूमि दर्ज है।

चिराग की चिंगारी बजरंग लाल सेन की रिपोर्ट…




