गोमूत्र की खरीदी का निर्णय ऐतिहासिक- विभा साहू


00 कहा- गोधन न्याय योजना के समान गोमूत्र खरीदी भी नये आयाम गढ़ेगी
राजनांदगांव, 07 मई।
प्रदेश महिला कांग्रेस की महासचिव एवं डोंगरगांव विधानसभा क्षेत्र की सक्रिय कांग्रेस नेत्री श्रीमती विभा साहू ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा छत्तीसगढ़ में गोधन न्याय योजना की तर्ज पर गोमूत्र खरीदी करने के निर्णय को ऐतिहासिक और क्रांतिकारी कदम बताया है। जिस तरह गोधन न्याय योजना से गोबर खरीदी कर छत्तीसगढ़ ने देश में एक नया आयाम गढ़ा है, उसी तरह गोमूत्र की खरीदी से भी नया अध्याय लिखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि गोवंश के संरक्षण और जैविक कृषि तथा खेती को रसायनिक कीटनाशकों से बचाने के लिये गोमूत्र का प्रयोग क्रांतिकारी कदम साबित होगा। गोमूत्र का आयुर्वेद में भी बड़ा महत्व है। अनेक असहाय रोगों के ईलाज में भी गोमूत्र कारगर औषधि साबित हुआ है। गोमूत्र की खरीदी हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगी। इससे चरवाहों व गोपालकों और किसानों के लिए अतिरिक्त आमदनी का जरिया भी बनेगा। दो रूपए किलो में गोबर खरीदी कर पशुपालकों को गोबर बीनने वालों के साथ महिला स्व सहायता समूह भी जुडक़र आर्थिक लाभ प्राप्त कर रही हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की गोधन न्याय योजना पूरे देश में एक मॉडल बनकर उभरी है। इस योजना के क्रियान्वयन से सडक़ों, खेत खलिहानों में घूमने वाले आवारा पशुओं को रोकने में काफी मदद मिली है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषणों में यूपी में छुट्टा घूमने वाले पशुओं की समस्या के लिए योजना बनाने की घोषणा कर अप्रत्यक्ष रूप से छत्तीसगढ़ सरकार की गोधन न्याय योजना की चर्चा की है।
00 कृषि लागत में आएगी कमी
श्रीमती साहू ने कहा कि गोमूत्र से बने कीटनाशकों का इस्तेमाल से खेती-किसानी में होने से कृषि लागत मूल्य में कमी आएगी। इससे कृषि जमीन की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी। रसायनिक खादों व कीटनाशकों पर किसानों की निर्भरता खत्म होगी। इस तरह देश में छत्तीसगढ़ मॉडल किसानों, गरीबों के साथ ही ग्रामीण एवं शहरी आबादी को पसंद आ रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार के इस मॉडल को पूरे देश में लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि संघीय ढांचे में किसी राज्य की उत्तम योजनाओं का लाभ पूरे देश की जनता को मिले तो इसमें कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए।
00 छग मॉडल को देश में लागू कराएं भाजपाई
पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं कांग्रेस नेत्री विभा साहू ने कहा कि भाजपा वाले विपक्ष में होने के कारण भूपेश सरकार की हर अच्छी जनकल्याणकारी योजनाओं का विरोध करते हैं, जो अनुचित है। भाजपा नेताओं को चाहिए कि अपनी संकुचित मानसिकता से ऊपर उठकर ग्रामीण क्षेत्रों, किसानों, गरीबो, मजदूरों, महिलाओं तथा सर्वहारा वर्ग के हित में छत्तीसगढ़ मॉडल को देश में लागू कराने मोदी सरकार से मांग करें तो छग में पंद्रह साल और केन्द्र में आठ साल में किए गए पाप कुछ हद तक धूल जायेंगे।




